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अलविदा साल 2012: खोया 'पहला सुपरस्टार', चोपड़ा भी नहीं रहे

साल 2012 में कई महान सितारे बॉलीवुड को सूना कर गए. भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने इस दुनिया को अलविदा कह अपने चहेतों को मायूस कर दिया.

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aajtak.in
आजतक ब्‍यूरो/आईएएनएसनई दिल्ली, 28 December 2012
अलविदा साल 2012: खोया 'पहला सुपरस्टार', चोपड़ा भी नहीं रहे

साल 2012 में कई महान सितारे बॉलीवुड को सूना कर गए. भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने इस दुनिया को अलविदा कह अपने चहेतों को मायूस कर दिया.

युवाओं को प्यार करना सिखाने वाले फिल्मकार यश चोपड़ा, 'रामायण' के हनुमान के नाम से मशहूर दारा सिंह, ए.के. हंगल, मेहदी हसन, जसपाल भट्टी सहित कई अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी इस साल इस संसार से विदाई ली.

फिल्मी दुनिया में काका के नाम से मशहूर पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने 18 जुलाई को इस दुनिया को विदा कहा. काका अपने लाखों प्रशंसकों की आंखों में आंसू छोड़ गए. राजेश ने 1967 से 1975 के बीच कई गोल्डन जुबली फिल्में दीं. 'आराधना', 'कटी पतंग', 'आनंद', 'अमर प्रेम' जैसी फिल्मों से उन्होंने दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई थी. उनकी अंतिम फिल्म 'रियासत' थी लेकिन उन्होंने इसके प्रदर्शन से पहले ही दुनिया से विदाई ले ली.

नहीं रहे 'किंग ऑफ रोमांस'
फिल्म निर्माता-निर्देशक व पटकथा लेखक यश चोपड़ा अपने निर्देशन में बनी और शाहरुख खान, कैटरीना कैफ व अनुष्का शर्मा अभिनीत 'जब तक है जान' के प्रदर्शन से कुछ ही दिन पहले 21 अक्टूबर को इस दुनिया को अलविदा कह गए. चोपड़ा के सम्बंध में कहा जाता है कि उन्होंने बॉलीवुड को प्यार करना सिखाया. उन्होंने 'दीवार', 'कभी कभी', 'सिलसिला', 'चांदनी', 'लम्हे', 'दिल तो पागल है' और 'वीर जारा' जैसी कई रोमांसप्रधान व सफलतम फिल्मों का निर्देशन किया.

अलविदा कह गए 'रुस्तम-ए-हिंद'
पहलवान से अभिनेता बने दारा सिंह का 83 साल की उम्र में 12 जुलाई को निधन हो गया. 'रुस्तम-ए-हिंद' के खिताब से सम्मानित दारा ने पहलवानी में तो नाम कमाया ही लेकिन टीवी धारावाहिक 'रामायण' में हनुमान का किरदार निभाने के बाद उन्हें घर-घर में पहचान मिल गई. उन्होंने कुछ फिल्मों में भी अभिनय किया था और अंतिम बार 'जब वी मेट' में नजर आए.

ए.के. हंगल भी नहीं रहे
फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेता ए.के. हंगल का कमर में फ्रैक्चर के बाद 26 अगस्त को निधन हो गया. उन्होंने अपने 40 साल के करियर में करीब 255 फिल्मों में अभिनय किया. 'नमक हराम', 'शोले', 'प्रेम बंधन' जैसी फिल्मों में उनके निभाए किरदारों को बहुत प्रशंसा मिली. वह अंतिम बार कलर्स चैनल पर प्रसारित शो 'मधुबाला' में नजर आए थे.

मेहदी हसन का कराची में निधन
'गजल के बादशाह' कहे जाने वाले पाकिस्तानी गजल गायक व गीतकार मेहदी हसन का भी 13 जून को 84 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने कराची के एक अस्पताल में अंतिम सांसें लीं. मेहदी अपनी 'आए कुछ अब्र कुछ शराब आए', 'बात करनी मुझे मुश्किल', 'पत्ता पत्ता बूटा बूटा' और 'प्यार भरे दो शर्मीले नैन' जैसी गजलों के लिए बहुत मशहूर हैं.

सड़क दुर्घटना में जसपाल भट्टी का निधन
टीवी धारावाहिक 'फ्लॉप शो' से मशहूर हुए हास्य अभिनेता जसपाल भट्टी का 25 अक्टूबर को एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया. वह अपनी फिल्म 'पॉवर कट' के प्रचार के लिए जालंधर से भटिंडा जा रहे थे तभी यह दुर्घटना हुई. भट्टी को अपने हास्य व व्यंग्य से भरे कार्यक्रमों के लिए जाना जाता था.

प्रख्यात पार्श्‍व गायिका आशा भोंसले की बेटी वर्षा भोंसले ने आठ अक्टूबर को अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी. वर्षा मनोरंजन पत्रकार थीं और उन्होंने कुछ हिंदी व मराठी गीत भी गाए थे.

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म 'पा' में उनकी मित्रवत शत्रु की भूमिका से अपनी जगह बनाने वाली बाल कलाकार तरुणी सचदेव की 12 मई को नेपाल में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई. तरुणी ने कई क्षेत्रीय फिल्मों व विज्ञापनों में अभिनय किया था.

बीते दौर की मशहूर अदाकारा अचला सचदेव ने 30 अप्रैल को पुणे में अंतिम सांसें लीं. वह 91 वर्ष की थीं और कुछ समय से बीमार चल रही थीं. अचला की सबसे यादगार भूमिका 1965 में आई फिल्म 'वक्त' में रही. इस फिल्म में अचला व बलराज साहनी पर फिल्माया गया 'ए मेरी जौहरा जबीं' गीत आज भी बेहद लोकप्रिय है. उन्होंने 'बंधन', 'मेरी सूरत तेरी आंखें', 'कोरा कागज', 'हकीकत', 'मेरा नाम जोकर', 'जूली' और 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' सहित कई फिल्मों में अभिनय किया.

फिल्मकार बोनी कपूर की पूर्व पत्नी मोना कपूर का भी 24 मार्च को निधन हो गया. वह 48 साल की थीं और पिछले कुछ महीनों से कैंसर से पीड़ित थीं. मोना अपने बेटे अर्जुन कपूर की फिल्म 'इशकजादे' प्रदर्शित होने से एक सप्ताह पहले इस दुनिया को अलविदा कह गईं.

'शागिर्द', 'लव इन टोक्यो', 'जिद्दी', 'फिर वही दिल लाया हूं' और 'एक मुसाफिर एक हसीना' जैसी फिल्मों के मशहूर अभिनेता जॉय मुखर्जी का नौ मार्च को निधन हो गया. निधन के समय वह वेंटिलेटर पर थे. मुखर्जी को निधन से एक सप्ताह पहले ही बीमारी के चलते अस्पताल में दाखिल कराया गया था.

बॉलीवुड ने इस साल प्रख्यात लेखक, फिल्मकार ओ.पी. दत्ता को भी खो दिया. उन्होंने 'उमराव जान', 'एलओसी कारगिल', 'रिफ्यूजी', 'बॉर्डर' जैसी फिल्मों की पटकथाएं लिखीं और 'लगान' जैसी कुछ फिल्मों का निर्देशन भी किया था. दत्ता का नौ फरवरी को निमोनिया बीमारी से निधन हो गया.

शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा और अभिषेक बच्चन जैसे सितारों को बॉलीवुड में पेश करने के लिए मशहूर निर्माता-निर्देशक राज कंवर का भी तीन फरवरी को सिंगापुर में निधन हो गया. उन्होंने 'दीवाना', 'लाडला', 'जीत', 'अंदाज' जैसी फिल्मों का निर्माण किया था. 'दीवाना' उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी.

सिनेमेटोग्राफर बॉबी सिंह की गोवा में 25 दिसम्बर को अचानक दमे का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वह 39 वर्ष के थे. उन्होंने 'गैंग्स्टर', 'वो लम्हे', 'जन्नत 2', 'लाइफ इन ए मेट्रो', 'काइट्स', 'द डर्टी पिक्चर', 'नो प्रॉब्लम' सहित कई फिल्मों के लिए काम किया. बॉबी की अंतिम फिल्म अक्षय कुमार व मनोज वाजपेयी अभिनीत 'स्पेशल छब्बीस' है, जो आठ फरवरी, 2013 को प्रदर्शित होगी.

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