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मोटे शरीर के कारण मसूद अजहर खुद पूरी नहीं कर पाया था आतंकी ट्रेनिंग

aajtak.in[ऋचीक मिश्रा]
02 May 2019
मोटे शरीर के कारण मसूद अजहर खुद पूरी नहीं कर पाया था आतंकी ट्रेनिंग
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जैश-ए-मोहम्मद का सरगना और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मसूद अजहर को भारत में आत्मघाती हमलों का मास्‍टरमाइंड माना जाता है. हजारों युवाओं को आतंकी बनाने वाला मसूद अजहर अपने मोटे और थुलथुल शरीर के कारण 40 दिन की कठोर आतंकी ट्रेनिंग भी पूरी कर पाया था. ये ट्रेनिंग उसे 1989 में अफगानिस्तान के यूवर आतंकी कैंप में पूरी करनी थी.
मोटे शरीर के कारण मसूद अजहर खुद पूरी नहीं कर पाया था आतंकी ट्रेनिंग
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पानी के गड्ढे पार नहीं कर पाता था, निशाना नहीं लगता था-
5 फीट 3 इंच का मसूद अजहर यूवर आतंकी कैंप में पानी के गड्ढे पार नहीं कर पाता था. वह बंदूक से निशाना नहीं लगा पाता था. ऊंचे-नीचे रास्ते पार नहीं कर पाता था. उसके साथी उसे मोटू कहकर बुलाते थे. इन सब से दुखी मसूद अजहर ने जिहादी न बनने का फैसला ले लिया था.
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लड़ाका नहीं बन पाया तो जिहादी टीचर बन गया- मसूद अजहर के हैंडलर्स को लगा कि ये लड़ाई नहीं कर पाएगा. तब उसे कराची के जामिया इस्लामिया भेज दिया गया. वहां मसूद अजहर पढ़ाने लगा. इस्लाम की जानकारी, आतंकी जुबान और लेखनी के बल पर वह हरकत-उल-अंसार की उर्दू मैगजीन साद-ए-मुजाहिद्दीन और अरबी भाषा की सावत-ए-कश्मीर का संपादक बना गया.
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हरकत-उल-अंसार के प्रचार के लिए कई देशों की यात्रा की-मसूद अजहर हरकत-उल-अंसार का जनरल सेक्रेटरी बनने के बाद नई भर्तियां करने, चंदा जमा करने और प्रचार के लिए उसने जाम्बिया, अबु धाबी, सऊदी अरब, मंगोलिया, ब्रिटेन और अल्बानिया की यात्रा की. केन्या के नैरोबी में 1993 में वह अल कायदा के आकाओं से भी मिला. तीन बार सोमालिया भी जा चुका है.
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1994 में कश्‍मीर आकर आतंकी गुटों को एकजुट करने आया-मसूद अजहर 1994 कश्मीर में आया. वह यहां कई आतंकी गुटों को एकजुट करने आया था. लेकिन, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में अजहर ने सारी सच्चाई उगल दी. लेकिन आतंकी सगंठन उसे छुड़ाने की कोशिश में लग गए. उनकी साजिश पांच साल बाद सफल हुई.
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1999 में विमान अपहरण के बाद छोड़ना पड़ा था मसूद को-
आतंकी सगंठनों ने मसूद को छुड़ाने के लिए 1999 में एयर इंडिया के विमान का अपहरण कर लिया. उसके साथ दो अन्य आतंकियों को भी छोड़ना पड़ा. उसे छुड़ाने में अफगानिस्तान की तत्कालीन तालिबान सरकार और अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने साजिश रची थी.
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पाकिस्तान पहुंचते ही उसने जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया - पाकिस्तान पहुंचते ही उसने जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया. आतंकी फंडिंग और युवाओं को भड़काने के लिए उसने बहावलपुर में मदरसा बनवाया. फिर कश्मीर विधानसभा में पहला आत्मघाती हमला किया. फिर संसद पर हमला करके उसने जैश-ए-मोहम्मद को बड़े आतंकी संगठन की पहचान दिलाई.
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2016 में पठानकोट एयरबेस पर करवाया था हमला -
जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला कराकर मसूद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत के खिलाफ वह पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार है. उड़ी से लेकर पुलवामा तक एक के बाद एक आतंकी हमले करता रहा. पाक सेना और आईएसआई के संरक्षण और चीन के साथ के बल पर मसूद अजहर पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियां चला रहा है.
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