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संगीत सुनते हुए अब नहीं आड़े आएगी उर्दू- पार्ट 3

उर्दू के कुछ आसान शब्द सिखाने की सीरीज में हम एक बार फिर आपके लिए पांच शब्द और उनके मतलब लेकर हाजिर हैं.

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कुलदीप मिश्रनई दिल्ली, 22 May 2015
संगीत सुनते हुए अब नहीं आड़े आएगी उर्दू- पार्ट 3 Urdu words used in bollywood

उर्दू के कुछ आसान शब्द सिखाने की सीरीज में हम एक बार फिर आपके लिए पांच शब्द और उनके मतलब लेकर हाजिर हैं.

ये शब्द अकसर बॉलीवुड के गानों में इस्तेमाल होते हैं. ये कठिन नहीं हैं, हमेशा आपके आस-पास ही होते हैं, फिर भी बहुत सारे लोग इनका मतलब नहीं जानते. उम्मीद है अब आप न सिर्फ गानों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे, बल्कि अगली बार जब कोई दोस्त किसी शब्द पर अटकेगा, तो अपने 'ज्ञान' की शेखी भी बघार पाएंगे.

पढ़ें- उर्दू अब नहीं आएगी आड़े-भाग 1

शब्द 1: फ़ना
मतलब: तबाह, मौत, विनाश
संदर्भ: खुद को तबाह कर लेने का भाव. प्रेमी भाई लोग इश्क में खुद को फना कर सकते हैं. कोई कारोबार में भी फना हो सकता है. पर ख्याल रखें कि फना में स्वत: स्फूर्त प्रेरणा से तबाह होने का भाव है. तभी आमिर खान कहते हैं, 'होना है तुझमें फना.'
गाना: चांद सिफारिश जो करता हमारी देता वो तुमको बता
शर्मो-हया के पर्दे गिराकर करनी है हमको खता
जिद है अब तो खुद को मिटाना, होना है तुझमें फना

शब्द 2: शब
मतलब: रात
संदर्भ: अर्थ से ही स्पष्ट है. अपनी मेमरी में सेव कर लें, कहीं 'शब' सुनें या पढ़ें तो उसे 'रात' के रूप में समझ लें. आगे कवि की कल्पना कि वह 'शब-ए-ग़म' के रूप में इसका इस्तेमाल करे 'शब-ए-इंतजार' लिखे.
गाना:  तू ही मेरी शब है, सुबह है, तू ही दिन है मेरा

मेरे माहिया सनम जानम
कि वे करिया नमीदानम
शब गुजरी ते जग सोया
नी मैं जागेया नमीदानम

शब्द 3: सहर
मतलब: सुबह
संदर्भ: बॉलीवुड के गानों में सहर का इस्तेमाल भी आपको खूब मिल जाएगा. छोटा शब्द है और सुबह के अर्थ को वैसी ताजगी भी बख्शता है.
गाना: शाम गुलाबी, शहर गुलाबी
या पहर गुलाबी या ये गुलाबी ये शहर

- नए मौसम की सहर
या सर्द में दोपहर
कोई मुझको यूं मिला
जैसे बंजारे को घर

शब्द 4: मुसलसल
मतलब: लगातार
संदर्भ: लगातार को उर्दू में मुसलसल कहते हैं. 'लगातार' में वैसी रिदम नहीं है, जैसी मुसलसल में है. इसलिए गीतकार और कवि इसका इस्तेमाल करते हैं.
गाना: मुसलसल खल रहा है
मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएं तो जाएं कहां

शब्द 5: मुकम्मल
मतलब: पूरा
संदर्भ: चीजें पूरी नहीं हो पातीं. चीजें मुकम्मल नहीं हो पातीं. दोनों वाक्यों में आप फर्क कर पाते हैं? मुकम्मल कुछ अतिरिक्त पूरा है और पूरा जरा सा अधूरा.
गाना: क्यों किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता
किसी को जमीन, किसी को आसमान नहीं मिलता

 

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