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'शांताराम' के नायक का अगला पड़ाव, 'द माउंटेन शैडो'

मशहूर ऑस्ट्रेलियाई लेखक ग्रेगरी डेविड रॉबर्ट्स लौट आए हैं अपने नॉवेल 'शांताराम' के बहुप्रतीक्षित सीक्वेल के साथ. हैचेट इंडिया पब्लिकेशन की किताब 'द माउंटेन शैडो' दुनिया भर में रिलीज हो गई है.

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aajtak.in
कुलदीप मिश्र नई दिल्ली, 01 December 2015
'शांताराम' के नायक का अगला पड़ाव, 'द माउंटेन शैडो' The mountain shadow

मशहूर ऑस्ट्रेलियाई लेखक ग्रेगरी डेविड रॉबर्ट्स लौट आए हैं अपने नॉवेल 'शांताराम' के बहुप्रतीक्षित सीक्वेल के साथ. हैचेट इंडिया पब्लिकेशन की किताब 'द माउंटेन शैडो' दुनिया भर में रिलीज हो गई है.

2003 में रिलीज हुई ग्रेगरी की किताब 'शांताराम' ने खूब धूम मचाई थी. इस नॉवेल का नायक एक पूरा शहर था और उस शहर का नाम मुंबई नहीं, बॉम्बे था. ऑस्ट्रेलिया का एक बैंक रॉबर जेल से भागकर भारत आ जाता है और बॉम्बे में की उथल-पुथल की जिंदगी उसका स्वागत करती है. इस किताब का सीक्वेल पूरे 12 साल बाद आया है. प्रकाशक का दावा है कि 800 पन्नों की इस किताब में ग्रेगरी रॉबर्ट्स ने अपने 10 साल लगाए हैं.

इस किताब में 'शांताराम' के नायक लिन की कहानी आगे बढ़ती है. शांताराम की भारत में ढाई लाख से ज्यादा कॉपी बिकी थीं. 400 रुपये से ज्यादा कीमत वाली फिक्शन कैटेगरी में सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब थी. हैचेट इंडिया को उम्मीद है कि यह इस साल की मस्ट रीड किताबों में होगी.'

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