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बुक रिव्यू: बच्चों के लिए है 'सुरायाज गिफ्ट' पर बड़े भी पढ़ें

9 साल की सुराया उस जादुई नोटबुक में  कहानियां लिखती जाती थी और वे कहानियां सच होती जाती थीं. फिर एक दिन उसकी नोटबुक गायब हो गई.

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aajtak.in
प्रतीक्षा पांडेय [Edited By: कुलदीप मिश्र]नई दिल्ली, 09 October 2015
बुक रिव्यू: बच्चों के लिए है 'सुरायाज गिफ्ट' पर बड़े भी पढ़ें Surayas gift

किताब: सुरायाज़ गिफ्ट (पेपरबैक)
लेखिका: मालविका नटराज
प्रकाशक: पफिन (पेंगुइन)
पन्ने: 61
कीमत: 199 रुपये

लेखिका और ब्लॉगर मालविका नटराज का दावा है कि वह 12 साल की उम्र से कहानियां लिख रही हैं. अब उन्होंने बच्चों के लिए एक किताब लिखी है- 'सुरायाज गिफ्ट'. किताब का कवर कहता है कि इसे आठ साल से ज्यादा उम्र के बच्चे पढ़ सकते हैं. पर इसकी कहानी इस कदर बांधे रखती है कि आठ क्या, अस्सी की उम्र में भी आपको ये अच्छी लगेगी.

'सुरायाज गिफ्ट' अपने भीतर कई कहानियों को समेटे हुए है. 9 साल की सुराया को आंटी लीला एक ऐसी नोटबुक तोहफे में देती हैं जिसमें जो कहानी लिखो, वो सच हो जाती है. आंटी कहती हैं कि अच्छी कहानियों का असर अच्छा होगा और बुरी का बुरा. सुराया अपनी समझ और कल्पना से अच्छी-बुरी कहानियां नोटबुक में लिखती जाती है और उसके आस-पास वे कहानियां एक-एक कर सच होती जातीं हैं. फिर एक दिन सुराया की स्टोरी कैचर हो जाती है गायब और उसे पता चलता है इस जादू के पीछे का सच.

'हर कहानी अमर है'
लेखिका ने एक बच्ची के उर्वर दिमाग को उसकी लिखी कहानियों के ज़रिये दिखाया है. मुख्य कहानी के अंदर छोटी-छोटी कहानियां भर दी गई हैं जो किताब के प्लॉट में आसानी से फिट हो जाती हैं. कहानी शुरू होती है सुराया के सपने से और उसके सपने पर ही खतम होती है. सपने, असल ज़िंदगी और गल्प के बीच कहानी इस तरह तैरती रहती है कि कभी-कभी तीनों में भेद करना मुश्किल होता है. कहानी का ये पक्ष बिल्कुल बच्चे के दिमाग सरीखा लगता है- कल्पनाओं से भरा हुआ. सपनों की ही तरह ही कहानियां भी समय की सीमाओं से परे हैं.

जब एक दिन एक लड़के के लिए सुराया ने ख़राब कहानी लिखी, उस लड़के के साथ खूब बुरा हुआ. तब सुराया को गिल्ट हुआ और उसने कहानियां लिखना बंद कर दिया. एक बच्चे के लिए कहानियों पर यकीन करना जितना आसान है, उतना ही उस यकीन का टूट जाना, इस बात को दिखाया है नटराज ने. स्टोरी कैचर के जरिये वो ये भी बताती हैं कि दुनिया में कही, लिखी, सोची गई हर एक कहानी ख़ास है. हर कहानी कहीं दर्ज होती है और अमर होती है. अगर हमें अपनी कहानियों पर यकीन हो तो वे असल दुनिया को भी बदल सकती हैं.

क्यों पढ़ें
वैसे ये किताब आपके बच्चों के लिए लिखी गई है. पर कहानियां सुनने या लिखने में रुचि हो तो आप भी ज़रूर पढ़ें. किताब आपको 'सीरियस' और 'पॉपुलर' से दूर एक मासूम दुनिया में ले जाएगी. किताब के सुंदर चित्रों को बनाया है 'टू निओन स्टूडियो' ने. बच्चों के नजरिए से देखें तो ये उन्हें लिखने और पढ़ने को प्रेरित करेगी. उनके कल्पना भरे दिमाग को गुदगुदी करेगी.

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