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लगातार बढ़ता रहा बीजेपी का जनाधार

भारतीय जनता पार्टी देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. बीजेपी की स्थापना 1980 में की गई. इसे 1951 से 1977 तक भारतीय जन संघ के नाम से जाना जाता रहा और इसके बाद 1977 से 1979 तक यह जनता पार्टी के साथ रहा.

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आजतक वेब ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 14 April 2011
लगातार बढ़ता रहा बीजेपी का जनाधार भारतीय जनता पार्टी

भारतीय जनता पार्टी देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. बीजेपी की स्थापना 1980 में की गई. इसे 1951 से 1977 तक भारतीय जन संघ के नाम से जाना जाता रहा और इसके बाद 1977 से 1979 तक यह जनता पार्टी के साथ रहा. अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना, जम्मू-कश्मीर को विशेष स्थान देने वाली संविधान की धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता लागू करने जैसे विवादास्पद मुद्दों को लेकर पार्टी की आलोचना की जाती रही है.

भारतीय जन संघ की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी.

भारतीय जन संघ ने शुरु से ही कश्मीर की एकता, गौ रक्षा, ज़मींदारी प्रथा और परमिट-लाइसेंस-कोटा राज ख़त्म करने जैसे मुद्दों पर ज़ोर दिया.

कांग्रेस का विरोध करने के लिए जन संघ ने जयप्रकाश नारायण (जेपी) का समर्थन भी किया. 1977 में आपातकाल की समाप्ति के बाद हुए चुनावों में कांग्रेस की हार हुई. मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और भारतीय जन संघ के अटल बिहारी वाजपेयी को विदेश मंत्री और लालकृष्ण आडवाणी को सूचना और प्रसारण मंत्री बनाया गया. लेकिन आपसी गुटबाज़ी और लड़ाई की वजह से ये सरकार 30 महीनों में ही गिर गई. 1980 के चुनावों में विभाजित जनता पार्टी की हार हुई.

जनता पार्टी से अलग होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के रूप में पार्टी का गठन हुआ और इसके अध्‍यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी को बनाया गया. 1989 के चुनावों में भाजपा ने विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व वाले जनता दल से सीटों का तालमेल किया. इन चुनावों में भाजपा ने लोकसभा में अपने सदस्यों की संख्या 1984 में दो से बढ़ाकर 89 तक पहुंचाई.

पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा आयोजित की. उनकी गिरफ़्तारी के बाद भाजपा ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया. इसके बाद 1991 में हुए चुनावों में प्रचार के दौरान ही राजीव गांधी की हत्या हो गई.

भाजपा को इन चुनावों में 119 सीटों पर विजय मिली. इसका बड़ा श्रेय अयोध्या मुद्दे को जाता है. कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला लेकिन पीवी नरसिंहराव अल्पमत की सरकार चलाते रहे.
1996 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभरी.

राष्ट्रपति डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी को सरकार बनाने के लिए बुलाया. लेकिन लोकसभा में बहुमत न साबित कर पाने की वजह से उनकी सरकार सिर्फ़ 13 दिन में गिर गई. 1998 में एक बार फिर आम चुनाव हुए. इन चुनावों में भाजपा ने क्षेत्रीय पार्टियों से गठबंधन और सीटों का तालेमल किया. ख़ुद पार्टी को 181 सीटों पर जीत हासिल हुई. अटल बिहारी वाजपेयी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने.

लेकिन गठबंधन की एक प्रमुख सहयोगी जयललिता की एआईएडीएमके के समर्थन वापस लेने से वाजपेयी सरकार गिर गई. 1999 में एक बार फिर आम चुनाव हुए. इन चुनावों को भाजपा ने 23 सहयोगी पार्टियों के साथ चुनाव लड़ा और उसे बहुमत मिला. अटल बिहारी वाजपेयी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने. वर्तमान में बीजेपी देश की विपक्षी पार्टी के रूप में काम कर रही है. बीजेपी वर्तमान में कई राज्‍यों में सत्तासीन है. उसे उम्‍मीद है कि जिन पांच राज्‍यों में चुनाव हो रहे हैं उसमें उसकी बेहतर स्थिति होगी.

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