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जानें कैसे बनती हैं हमारी मान्यताएं

तेज ब्यूरोनई दिल्ली, 18 March 2015

हम अपनी मान्यताओं और धारणाओं को लेकर काफी आग्रही होते हैं. अपनी मान्यताओं पर किसी किस्म की असहज करने वाली टिप्पणी से आपको बुरा लग जाता है. जानिए आखिर कैसे बनती हैं हमारी मान्यताएं.

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