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उम्‍मीदों-आशंकाओं के बीच प्रणब दा पर निगाहें

आजतक ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 16 March 2012

इस समय सरकार की हालत आमदनी अट्ठनी और खर्चा रुपया वाली है. एक तरफ कार्पोरेट जगत है जो बजट को और टाइट करना चाहता है, दूसरी तरफ आम आदमी है जो महंगाई से त्रस्‍त है और उससे निजात पाने के लिए प्रणब दा की और उम्‍मीदभरी निगाह से देख रहा है.

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