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'यह रेल को निजी हाथों में देने का गजट है'

रेल बजट के बाद पूर्व रेल मंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि रेल अब निजी हाथों में जा रहा है. लालू के मुताबिक ये सारी पृष्ठभूमि रेलवे के निजीकरण की तैयारी के लिए है और विदेशी कंपनियों अब आने वाले वक्त में रेल चलाएंगी.
'यह रेल को निजी हाथों में देने का गजट है' लालू प्रसाद यादव
कुमार अभिषेक[Edited By: प्रवीण]पटना, 09 July 2014

रेल बजट के बाद पूर्व रेल मंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि रेल अब निजी हाथों में जा रहा है. लालू के मुताबिक ये सारी पृष्ठभूमि रेलवे के निजीकरण की तैयारी के लिए है और विदेशी कंपनियों अब आने वाले वक्त में रेल चलाएंगी. एफडीआई, पीपीपी और वर्ल्ड क्लास स्टेशन ये सब सब्जबाग हैं.

लालू ने कहा कि विदेशियों के हाथ में रेल को सौंपने की साजिश को हम सफल नहीं होने देंगे. लालू ने कहा ये लोगों की आंख में मिर्ची झोंककर जनता को गुमराह किया गया है.

इसके साथ ही लालू ने रेल में बिहार के साथ भेदभाव की बात करते हुए कहा, 'बिहार की लंबित परियोजनाओं के बारे में कुछ नहीं कहा गया, मधेपुरा रेल कारखाना, मढौरा रेल चक्का फैक्ट्री हो, गंगा पर पुल हो या मुंगेर पुल हो, किसी भी परियोजना का जिक्र नहीं है.

बुलेट ट्रेन पर सवाल उठाते हुए लालू ने कहा कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा. उन्होंने कहा कि अगर उसमें प्राइवेट प्लयेर को लाया जाएगा जो कि गलत है.

लालू ने पीपीपी का मजाक उड़ाते हुए कहा, 'ये सारा पीपीपीपी.. पीपी.. का एक्सरसाइज हम कर चुके, दुनिया में लोगों के पास पैसा कहां है, कौन आएगा पैसा लगाने... ये तो दिखाया जा रहा है पीपीपीपीपी... वर्लड क्साल स्टेशन दिस-दैट. अगर बाहर के आदमी को दिया तो अपना मुनाफा देखेगा कि पीपीपीपी करेगा. क्यों निवेश करेगा कोई निवेश करने नहीं आएगा.

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