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'पैर फैलाकर बैठी लड़की' के पोस्टर से PAK में बवाल, रेप की धमकी

aajtak.in [Edited by: अभिषेक आनंद]
10 April 2019
'पैर फैलाकर बैठी लड़की' के पोस्टर से PAK में बवाल, रेप की धमकी
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पाकिस्तान में महिला अधिकारों को लेकर निकाले गए एक मार्च और उसमें दिखाए गए पोस्टर को लेकर हंगामा मच गया है. प्रदर्शन आयोजित करने वाली महिलाओं को रेप की धमकियां दी जा रही हैं और कुछ स्त्रीवादी महिलाएं भी इसके खिलाफ आ गई हैं.
'पैर फैलाकर बैठी लड़की' के पोस्टर से PAK में बवाल, रेप की धमकी
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सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जो सबसे अधिक वायरल हो रहा है, उसमें एक लड़की को पैर फैलाकर बैठी हुई दिखाया गया है. इस पोस्टर को कराची में पढ़ाई करने वाली छात्राएं रुमिसा लखानी और रशीदा शब्बीर हुसैन ने तैयार किया था.
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'पैर फैलाकर बैठी लड़की' के पोस्टर पर उर्दू में लिखा गया है- "यहां, मैं बिल्कुल सही तरीके से बैठी हूं." पोस्टर की लड़की धूप के चश्मे भी पहनी हुई है. इसे तैयार करने वाली 22 साल की छात्राएं रुमिसा और रशीदा हबीब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती हैं.
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बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रुमिसा कम्युनिकेशन डिजाइन की छात्रा हैं, जबकि रशीदा सोशल डेवलपमेंट एंड पॉलिसी की पढ़ाई कर रही हैं. दोनों बेस्ट फ्रेंड भी हैं.
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रुमिसा बताती हैं कि 'औरत' नाम के प्रदर्शन में हिस्सा लेना बेहतरीन अहसास था. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया था. एलजीबीटी समुदाय के लोग भी शरीक हुए थे.
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हालांकि, 'औरत' मार्च से पाकिस्तान के कट्टरपंथियों को झटका लगा. सोशल मीडिया पर भी एक तबके ने औरतों के प्रदर्शन को लेकर कहा कि उन्हें ऐसे समाज की जरूरत नहीं है. मार्च की आयोजकों में से एक मोनीजा ने कहा कि प्रदर्शन के बाद रेप और हत्या की धमकी मिलना आम बात हो गई है.
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सोशल मीडिया पर ज्यादातर आयोजकों को रेप की धमकी दी गई है. एक प्रमुख स्त्रीवादी मानी जाने वालीं किश्वर नहीद ने कहा है कि रुमिसा और रशीदा के बनाए प्लेकार्ड और अन्य पोस्टर परंपरा और मूल्यों के अपमान समान थे. हालांकि, बहुत लोगों ऐसे भी हैं जो पोस्टर और मार्च का समर्थन कर रहे हैं.
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