एडवांस्ड सर्च

Advertisement

UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने

aajtak.in [Edited by:अंकुर कुमार ]
12 September 2018
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
1/11
आधार सॉफ्टवेयर को कथित रूप से ‘हैक’ करने की खबरों के बाद एकबार फ‍िर आधार की सुरक्षा पर विवाद शुरू हो गया है. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
2/11
आधार डेटा की सिक्योरिटी एक ऐसा टॉपिक है जो इसकी शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है. अब आधार डेटा फिर से एक बार खबरों में है. क्योंकि तीन महीने तक चले एक इन्वेस्टिगेशन में दावा किया गया है कि एक सॉफ्टवेयर पैच है जो आधार आइडेंटिटी डेटाबेस में स्टोर डेटा की सिक्योरिटी को खतरे में डाल देता है. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
3/11
वहीं भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा कि जबतक कोई व्यक्ति बायोमेट्रिक ब्योरा नहीं देता है, कोई भी परिचालक आधार नहीं बना सकता या उसे अद्यतन नहीं कर सकता. प्राधिकरण ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया कि आधार साफ्टवेयर को कथित रूप से ‘हैक’ किया गया है.(प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
4/11
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि आधार में दी जाने वाली जानकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हों. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
5/11
पिछले साल 210 सरकारी साइटों पर आधार डाटा सार्वजनिक करने को लीक होने के तौर पर पेश किया गया था. उस विवाद के बाद आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने साफ किया था कि आधार डाटा लीक नहीं हुआ है और न ही इसे चुराया गया है. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
6/11
वहीं इस साल जनवरी में अंग्रेजी अखबार, द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक व्हाट्सएप ग्रुप से मात्र 500 रुपये में ये सर्विस खरीदी और करीब 100 करोड़ आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया. इसके बाद 300 रुपये अधिक देने पर उन्हें उस आधार कार्ड की जानकारी को प्रिंट करवाने का भी एक्सेस मिल गया. इसके लिए अलग से एक सॉफ्टवेयर था. आधार की अथॉरिटी UIDAI ने आधार डेटा लीक की बात को गलत बताया था. साथ ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी. इस एफआईआर में इस रिपोर्ट को सामने लाने वाली पत्रकार का नाम भी शामिल था. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
7/11
वहीं कुछ द‍िन पहले लोगों के मोबाइल फोन में अचानक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नाम से एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर सेव होने पर विवाद हो गया था. इस मामले में गूगल ने अपनी जिम्मेदारी ले ली थी. गूगल ने यह कबूल किया था कि लोगों के मोबाइल फोन में दिखने वाले नंबर में उसकी गलती है. इस मामले में UIDAI ने कहा था कि एंड्राएड फोन के कॉन्‍टेक्‍ट लिस्‍ट में पहले से उपलब्‍ध नंबर 1800-300-1947 नंबर गलत है. UIDAI ने बयान जारी कर कहा था कि उसने किसी भी फोन ऑपरेटर या निर्माता को ऐसी इजाज़त नहीं दी है. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
8/11

आपको बता दें कि विवादों के बीच UIDAI के पूर्व हेड आरएस शर्मा ने एक चैलेंज भी दे दिया था. इसके तहत उन्‍होंने ट्वीट कर अपना आधार नंबर सार्वजनिक किया था. लोगों ने चैलेंज के जवाब में उनके बैंक डिटेल, ईमेल आईडी, पारिवारिक सूचनाएं आदि निजी सूचनाएं पाने का दावा किया था. हालांकि UIDAI और आरएस शर्मा ने दावा किया था कि सारी सूचनाएं आधार के डेटाबेस से नहीं ली गई थी और आधार के डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया था. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
9/11
वहीं ट्विटर पर महेंद्र सिंह धोनी की आधार कार्ड के लिए फिंगर प्रिंट लेते हुए फोटो वायरल हुई थी. इस पर उनकी पत्नी साक्षी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से नाराजगी व्यक्त की थी. आईटी मिनिस्ट्री से जुड़े लोग धोनी के घर जाकर उनके आधार से जुड़ी चीजें अपडेट कर रहे थे. इसी का प्रचार ट्विटर से किया गया. इसी क्रम में एक ट्वीट में धोनी का फॉर्म भी पोस्ट कर दिया गया, जिस पर आपत्ति जताते हुए साक्षी ने रविशंकर प्रसाद से सवाल-जवाब किए.
UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
10/11
साक्षी ने कहा था कि प्राइवेसी नाम की कोई चीज है या नहीं? आवेदन सहित आधार कार्ड का विवरण सार्वजनिक कर दिया गया है. इस पर मंत्री रविशंकर ने कहा था कि नहीं, यह कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं है. क्या यह ट्वीट किसी भी व्यक्तिगत जानकारी का खुलासा करता है? जिस पर साक्षी ने कहा था कि फॉर्म में भरी व्यक्तिगत जानकारी लीक हो गई हैं. इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि यह सूचना मेरे संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद. व्यक्तिगत जानकारी साझा करना अवैध है. इसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि जानकारी लीक करने वाले उस ट्वीट को रविशंकर प्रसाद द्वारा लाइक करने पर भी विवाद हुआ था. आपको बता दें कि बाद में सरकार की तरफ से बताया गया था कि  जानकारी लीक करने के आरोप में संबंधित एजेंसी पर दस साल का बैन लगा दिया है.

UIDAI का दावा- आधार डेटा सेफ, जानें कब लीक के खतरे आए सामने
11/11
वहीं इसके अलावा समय समय पर आधार वेंडरों द्वारा निजी जानकारी सार्वजनिक करने के मामले सामने आए हैं. (प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो )
Advertisement
Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay