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यह बेहद हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है कि आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा और अन्य डायरेक्टर्स ने मकान खरीदारों के 3,523 करोड़ रुपये का उपयोग शादी समारोह, कार, मकान और ज्वैलरी तक खरीदने में किए.

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    22:09
    घर खरीदारों ने इस बार चुनावों में पजेशन के मुद्दे को अपनी मांग बनाया है. दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में इस संकट से परेशान लोगों की तादाद लाखों में है. एक प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देशभर में साढ़े 5 लाख से ज्यादा घरों के पजेशन में देरी है. ये सभी प्रोजेक्ट 2013 या उसके पहले लॉन्च हुए थे. इन घरों की कुल कीमत एनारॉक ने 4 लाख 51 हज़ार 750 करोड़ रुपए आंकी है. देखें ये रिपोर्ट.
    रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले कई वर्षों से नरमी बनी हुई है. बिल्डरों ने मकान बनाकर तैयार कर दिए हैं, लेकिन उनके लिए खरीदार नहीं हैं. हालत यह है कि मुंबई शहर के कई प्रोजेक्ट में करीब 4,000 करोड़ रुपये मूल्य के लग्जरी मकान खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं.
    17:59
    घर खरीददारों को अपने एकतरफा एग्रीमेंट के दम पर परेशान करने वाले डेवलपर्स की अब खैर नहीं. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में ये साफ कर दिया है कि दस्तखत करने के बावजूद भी बिल्डर की एकतरफा शर्तों को मानने के लिए ग्राहक मजबूर नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद घर खरीददारों को बहुत बड़ी राहत मिली है. कोर्ट में फ्लैट के पजेशन में देरी को लेकर एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर कोई उपभोक्ता घर खरीदने के बाद घर के पजेशन में देरी के कारण रिफंड चाहता है तो बिल्डर ग्राहक को घर लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और बिल्डर ग्राहक के पैसे वापस करने के लिए प्रतिबद्ध होगा.
    18:34
    मोदी सरकार बीते 5 साल के अपने रिपोर्ट कार्ड के साथ चुनाव मैदान में कूद गई है. सरकार की तमाम कामयाबियां और असफलताएं जनता के मूड को तय करेंगी. इस सबके बीच मोदी सरकार के 5 साल के कार्यकाल में रियल एस्टेट पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक्स का असर एक रिपोर्ट में सामने आया है. कई दिलचस्प आंकड़ों के ज़रिए इन सभी स्ट्राइक्स का जिक्र इस रिपोर्ट में किया गया है. जानिए क्या खास सामने आया इस रिपोर्ट में.
    जीएसटी की दरों में की गई यह कटौती घर खरीदने वालों के लिए एक बड़ी सौगात है. इससे डेवलपर्स और खरीदार दोनों को खुशी मनाने का मौका मिला है. ऐसे में जब मांग और आपूर्ति दोनों मोर्चे पर इस सेक्टर में दबाव की स्थिति बनी हुई है. 
    18:35
    रियल एस्टेट में जीएसटी रेट पर तो स्थिति साफ हो गई है लेकिन दो तरह के रेट ग्राहकों में कंफ्यूजन भी पैदा कर सकते हैं. अब अप्रैल से दो तरह के जीएसटी रेट पर अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में फ्लैट्स मिलेंगे. ऐसे में कीमतों को तोल-मोलकर ही घर खरीदार सौदा करने का फैसला करेंगे. वीडियो देखें.
    18:43
    19 मार्च को जीएसटी काउंसिल की बैठक को चुनाव आयोग की अनुमति मिल गई है. इस बैठक में नए फैसले लेने की जगह यह तय किया जाएगा कि रियल एस्टेट को जीएसटी छूट का फायदा किस तरह दिलाया जाए. साथ ही सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट हटने के बाद डेवलपर्स की प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाने की योजना पर भी लगाम लगाने की कोशिश करेगी.
    19:46
    रियल एस्टेट सेक्टर में हमेशा से पुरुषों का दबदबा रहा है. शैक्षिक स्तर, कामकाज के तरीकों ने महिलाओं को प्रॉपर्टी मार्केट से दूर ही रखा है. अब रियल एस्टेट में महिलाओं की दखलंदाजी घर की खरीदारी से लेकर बिक्री तक लगातार बढ़ रही है. रियल एस्टेट सेक्टर को काम करने और घर खरीदने दोनों ही लिहाज से अबतक कुछ बरस पहले केवल पुरुषों का कार्यक्षेत्र ही समझा जाता था लेकिन अब वक्त बदल रहा है. रियल एस्टेट की तरक्की और रेरा जैसे कानून के बाद से ये क्षेत्र तो संगठित बन ही रहा है. साथ ही यहां पर काम करने वाली महिलाओं की तादाद भी तेजी से बढ़ रही है.
    किसी को-डेवलपर को लाकर इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाए तो ऐसी सूरत में को-डेवलपर घर खरीदारों से बकाया रकम लेकर बचे हुए प्रोजेक्ट को पूरा करेगा और जमीन का बकाया संबंधित विकास प्राधिकरण को चुकाएगा.

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