एडवांस्ड सर्च

बिहार की सियासत में ये दोनों दो युवा चेहरे अपनी-अपनी यात्रा के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने में जुटे हैं. एक जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार हैं तो दूसरा नाम आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का है. इन दोनों की राजनीतिक सक्रियता से बीजेपी गदगद नजर आ रही है.

Speak Now



x
Languages:    हिन्दी    English
About 30374 results (4 seconds)
    पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर दोहराया है कि मध्यप्रदेश सरकार अगर वचनपत्र में दिए वचन को पूरा नहीं करती है तो सड़क पर उतरना ही पड़ेगा. सिंधिया का ये बयान मुख्यमंत्री कमलनाथ के दो दिन पहले दिए गए उस बयान के बाद आया है जिसमे उन्होंने सिंधिया को सड़क पर उतर जाने के लिए कहा था.
    2019 के विधानसभा चुनाव में पांच साल तक सीएम रहने के बाद रघुवर दास की हार बीजेपी को अखर गई. बीजेपी को अब ऐसे नेता की तलाश थी जो आदिवासी भी हो जिसकी राज्य की राजनीति में स्वीकार्यता भी हो. बीजेपी की तलाश अपने ही पुराने सिपहसालार बाबूलाल मंराडी पर आकर खत्म हुई. इसी के साथ झारखंड की राजनीति का नया अध्याय शुरू हो रहा है.
    दिल्ली की चार कैबिनेट मंत्रियों में - भाजपा की पूर्णिमा सेठी, कांग्रेस की कृष्णा तीरथ और किरण वालिया और आम आदमी पार्टी की राखी बिड़लान रहीं.
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आरक्षण को लेकर खतरनाक खेल चल रहा है. भाजपा के सांसदों और संघ के नेताओं की ओर से जिस तरह के बयान आ रहे हैं, इनका कोई भरोसा नहीं कि कब ये आरक्षण खत्म करने की घोषणा कर दें.
    पीएम मोदी ने ट्वीट में सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया. केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा कि हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद सर. काश, आप आज आ पाते.
    चांदनी चौक की पूर्व विधायक अलका लांबा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हम होंगे कामयाब एक दिन गाने पर कहा कि आज AAP का, कल हमारा (कांग्रेस) दिन होगा.
    दिल्ली में एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार भारतीय जनता पार्टी के चुनावी चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की रणनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मे को शिकस्त देने के बाद केजरीवाल ने अपने संबोधन में दिल्ली की सियासत पर ही पूरा फोकस रखा. हालांकि शाम होते-होते पार्टी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा और इसका प्लान भी सामने आ गया.
    शपथ ग्रहण के दौरान अरविंद केजरीवाल का पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ दिल्ली पर ही रहा. केजरीवाल ने बार-बार विकास के दिल्ली मॉडल का जिक्र तो किया, लेकिन राष्ट्रीय राजनीति के लिए उनका क्या प्लान है, इस पर पत्ते नहीं खोले.
    शिवसेना सांसद संजय राउत ने सामना में लिखा है कि बीजेपी को पहले ही लग गया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में  बीजेपी की नैया डूब रही है. ये विश्वास होते ही बीजेपी ने हुकुम का इक्का बाहर निकाला. सीधे प्रभु श्रीराम को ही चुनाव प्रचार में उतार दिया.

    एडवांस्ड सर्च

    रिलेटेड स्टोरी

    No internet connection

    Okay