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भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल के सफल परीक्षण किए.  एयरफोर्स ने दो ब्रह्मोस मिसाइल दागे और दोनों मिसाइलों ने 300 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर एकदम सटीक निशाना लगाया है. वायुसेना ने अंडमान निकोबार से दोनों मिसाइलों को दागा.  ब्रह्मोस एक मीडियम रेंज की सुपरसोनिक मिसाइल है, जिसे किसी एयरक्राफ्ट, शिप या छोटे प्लैटफॉर्म से भी दागा जा सकता है.

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    इंडियन एयरफोर्स ने अंडमान निकोबार में सतह से सतह पर मार करने वाली दो ब्रह्मोस मिसाइल दागे. दोनों मिसाइलों ने 300 किलोमीटर दूर निशाने पर सटीक वार किया.
    इतिहास में 15 अक्टूबर का दिन बेहद खास है. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म आज के ही दिन हुआ था. भारतीय सैन्य ताकत को बढ़ाने में कलाम का योगदान अविस्मरणीय है.
    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को ओडिशा तट से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. इससे पहले DRDO ने आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में फायरिंग रेंज से मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया था.
    बेंगलुरु में स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में गुरुवार यानी आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उड़ान भरेंगे. पहली बार देश के रक्षा मंत्री स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरने वाले हैं. आइए आपको बताते हैं कि तेजस की खासियत और उसके विकास का इतिहास...
    इस हमले को दो दशक में सुरक्षाबलों पर सबसे बड़ा हमला बताया गया. यह हमला ऐसे वक्त पर हुआ, जब कश्मीर घाटी में भयंकर अशांति फैली हुई थी. हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बुरहान वानी सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में मारा गया था, जिसके बाद घाटी सुलग उठी. इसी का फायदा उठाकर आतंकवादी हमले को अंजाम देने में कामयाब हो गए.
    भारत के साथ चल रहे कूटनीतिक तनावों के बीच मिसाइल का परीक्षण कर पाकिस्तान भले ही अपनी ताकत दिखा रहा हो, लेकिन मिसाइलों की ताकत में भारत के आगे वह बौना है. भारत के पास इस रेंज की 4 मिसाइलें हैं जो गजनवी को धूल चटा देंगे.
    देश, दुनिया, महानगर, खेल, आर्थिक और बॉलीवुड में क्‍या कुछ हुआ. जानने के लिए यहां पढ़ें समय के साथ-साथ खबरों का लाइव अपडेशन.
    ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल कोस्टल बैटरी के अधिग्रहण के अलावा सशस्त्र बलों के लिए मेड इन इंडिया सॉफ्टवेयर पर चलने वाले रेडियो के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई.
    देश के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम का देश हमेशा आभारी रहेगा. 2020 तक भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का सपना देखने वाला ये कर्मवीर योद्धा मरते दम तक देश के लिए काम करता रहा. आखिरी क्षणों में भी वो बच्चों को लेक्चर दे रहे थे. आइए जानें उनके जीवन से जुड़े वो खास पहलू जो शायद आपको न पता हों.

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