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राज्यसभा सांसद भागवत कराड के दो बेटों ने एक युवा बीजेपी नेता कुणाल मराठे के घर में घुस कर उनके साथ मारपीट की है. मारपीट के दौरान कोटा कॉलोनी स्थित आवास में कुणाल के माता पिता भी मौजूद थे.

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    कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन तोड़ने वालों की पुलिस ने खूब खातिर की. इस खास खातिरदारी के सैकड़ों वीडियो वायरल हुए. कभी पुलिस ने लॉकडाउन तोड़ने वालों को मुर्गा बनाया तो कभी मगरमच्छ बनाया तो कभी मेंढक की तरह कुदवाया. लेकिन इन दिनों प्रवासी मजदूरों से जोड़कर कुछ ऐसे वीडियो जमकर वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें पुलिस वाले मजदूरों पर बर्बरता कर रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पुलिसकर्मी बीच सड़क पर एक युवक को लात से मारता हुआ दिखाई दे रहा है. लॉकडाउन में मजदूर की पिटाई का वायरल वीडियो फेक है, जानिए पूरा सच.
    बातचीत के दौरान जांच अधिकारी एएसआई बीएस पटेल ने पीड़ित वकील दीपक को बताया कि पुलिस वालों ने उसकी दाढ़ी देखकर पिटाई कर दी थी.
    कोलकाता में डीसीपी रैंक के एक अधिकारी की पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई का मामला सामने आया है. पुलिसकर्मी बैरक को सैनिटाइज न किए जाने से नाराज थे. हाल ही में एक पुलिसकर्मी उसी बैरक में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था.
    पत्नी का टिकटॉक वीडियो वायरल होते ही सैनिक भड़क गया और उसने लड़के की जमकर पिटाई कर दी. लड़के की हालत गंभीर है और वो अस्पताल में भर्ती है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
    विचलित कर देने वाला एक वीडियो वॉट्सएप और ट्विटर पर वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोगों की भीड़ दो लोगों को बेरहमी से पीट रही है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि बंगाल में कैसे मुसलमान समुदाय के लोग हिंदुओं पर अत्याचार कर रहे हैं.
    एक लड़के के दो लड़कियों से संबंध थे. उन दोनों लड़कियों को मोहरा बनाकर लड़के ने उनकी 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली सहेली को फंसाया और अश्लील वीडियो-फोटो खींचकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.
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    कोरोना संक्रमण काल में डॉक्टर मसीहा बनकर उभरे तो खाकी वर्दी वालों ने भी जान हथेली पर रखकर अपना दायित्व निभाया. इस दौरान कई बार पुलिस को सख्ती से काम लेना पड़ा तो कभी लॉकडाउन तोड़ने वालों को अजीबोगरीब सजाएं भी देनी पड़ी. ऐसे में क्या ये मजदूर पुलिसिया जुल्म के भी शिकार हुए. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी तीन लोगों पर जुल्म की हदें पार कर रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि पुलिस वाले बिहार के मजदूरों को पीट रहे हैं. इस वीडियो में देखें क्या सच्चाई है.
    जानकारी के मुताबिक सीआरपीएफ के जवान ने लाठीचार्ज की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. मामला बढ़ने के बाद भीड़ को हटाने के लिए पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान बिहार के लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नाराज हैं और उनपर पत्थर फेंक रहे हैं.

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