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डॉ. भीमराव अंबेडकर की आज शुक्रवार को 63वीं पुण्यतिथि है. बाबा साहेब अंबेडकर ने छह दिसंबर 1956 को अंतिम सांस ली थी. आज के दिन 'परिनिर्वाण दिवस' के रूप में मनाया जाता है. अंबेडकर दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे.

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    देश, दुनिया, खेल, बिजनेस और बॉलीवुड में 4 दिसंबर को क्‍या कुछ हुआ? जानने के लिए यहां पढ़ें, समय के साथ-साथ खबरों का लाइव अपडेशन.
    'तो ये थीं खबरें आज तक, इंतजार कीजिए कल तक.' एसपी यानी सुरेंद्र प्रताप सिंह के कई परिचयों में यह भी एक परिचय था. आज उनकी जयंती पर आर अनुराधा द्वारा संपादित 'पत्रकारिता का महानायक: सुरेंद्र प्रताप सिंह' संचयन का एक अंश
    बीइंग एसोसिएशन अब नए-पुराने हिंदी नाटकों की ई-लाइब्रेरी बना रहा है, जिससे कि वे नाट्य संस्थाओं को मंचन के लिए निशुल्क या कुछ रॉयल्टी के साथ उपलब्ध हों. असगर वजाहत जैसे कुछ नाटककारों ने अपनी कृतियां निशुल्क दे दी हैं.
    सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यों की संविधान पीठ ने 2018 में कहा था कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के समृद्ध लोगों यानी क्रीमी लेयर को कॉलेज में दाखिले तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता.
    राज्य के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में उद्धव ठाकरे ने गुरुवार शाम को शपथ ली. उनके साथ तीनों दलों के 2-2 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई.
    महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण से ऐन पहले कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस ने अशोक चव्हाण की जगह नागपुर से आने वाले दलित नेता नितिन राउत को मंत्री बनाने का फैसला किया है. इसके पीछे आदर्श सोसायटी घोटाला वजह बताया जा रहा है. इस मामले में कल ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिर से जांच शुरू कर दी है. हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि अशोक चव्हाण की जगह नितिन राउत को मंत्री बनाना सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को मैनेज करना है. नितिन राउत के जरिए कांग्रेस दलितों में बड़ा मैसेज देना चाहती है.
    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी कांग्रेस ने कश्मीर में धारा 370 को थोपा था. बाबा साहेब धारा 370 का विरोध करते रहे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई. जब 67 वर्षों के बाद प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी आए तो बाबा साहेब का वास्तविक सम्मान किया और कश्मीर से धारा 370 हटाया.
    बीजेपी की रणनीति पर गौर करें तो पता चलता है कि हर राज्य में एक प्रभावी या यूं कहें दबंग जातियों को एक्सक्लूड कर अन्य जातियों को गोलबंद कर वोट हासिल करने की तरकीब ने शुरुआती तौर पर बीजेपी को जबरदस्त सफलता दिलवाई.
    पांच साल तक चलने का दावा करने वाली महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार 5 दिन तक तक भी नहीं चल सकी. देवेंद्र फडणवीस ने चौथे दिन ही लगभग 80 घंटे तक सीएम रहने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस दौरान महाराष्ट्र की सियासत का रोलर कॉस्टर राइड देखने को मिला.

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