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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को मजबूत शुरुआत के बाद जल्द ही सुस्ती का माहौल बन गया और फिर कारोबार के दौरान बाजार पर दबाव हावी रहा.

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    मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन का कहना है कि देश की मौजूदा आर्थिक सुस्ती बहुत बड़ी है.
    पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 'आजतक' से बात करते हुए, केंद्र सरकार के कई फैसलों पर सवाल खड़े किए हैं.
    सप्‍ताह के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली. वहीं यस बैंक और एसबीआई के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
    देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीते वित्त वर्ष के फंसे कर्ज (NPA) में करीब 12,000 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है.
    सेंसेक्‍स 247 अंकों की गिरावट के साथ 40,240 पर तो वहीं निफ्टी 80 अंक लुढ़क कर 11,856 पर बंद हुआ.
    ज्यादातर पैनलिस्ट ने माना कि भारतीय अर्थव्यवस्था में स्लो डाउन चल रहा है. सभी ने माना कि इसका मुख्य कारण मांग में कमी है. ऐसे में अगर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है तो डिमांड बढ़ाना होगा. अर्थव्यवस्था के स्लो डाउन पर बोलते हुए इकॉनोमिस्ट पी. एन. विजय ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बहुत लेट जागी है.
    देश में प्याज की कीमतों को लेकर आम आदमी बेहाल है और राजनीतिक दल मोदी सरकार पर इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं. वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि वह इतना लहुसन, प्याज नहीं खाती हैं और ऐसे परिवार से आती हैं जहां प्याज-लहुसन का ज्यादा मतलब नहीं है. निर्मला सीतारमण के इस जवाब पर सदन में ठहाके लगे.
    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आवंटित 6.04 लाख करोड़ रुपये में करीब 3 फीसदी राशि नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) हो गई है.
    भारतीय स्टेट बैंक में इस वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में ही कॉरपोरेट जालसाजी पिछले पूरे साल के मुकाबले तीन गुना बढ़ गई है. इस साल अप्रैल से नवंबर के बीच भारतीय स्टेट बैंक में 26,757 करोड़ रुपये के बड़े घपले हुए हैं. 

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