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देवबंद फ्रूट आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुलेमान फारूकी ने कहा कि लॉकडाउन के चलते व्यापार ठप हो चुका है, जिसकी सबसे ज्यादा मार गरीब व मजदूर झेल रहा है और हमने इस बार ईद न मनाने का फैसला लिया है.

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    जब कभी भी छोटे या बड़े पर्दे पर किसी ने हनुमान के किरदार को निभाया, उसे दर्शकों का बेहद प्यार मिला. हम बता रहे हैं कि टीवी और फिल्मों में कौन-कौन से कलाकारों ने निभाया है हनुमान का रोल.
    कोरोना काल में तमाम कड़े निर्णय लेने और उसके प्रभावी तरीके से लागू करवाने में सफलता हासिल करने की वजह से मोदी सरकार की विश्व भर में काफी प्रशंसा हुई. विश्व के तमाम नेता मोदी सरकार के साथ-साथ पीएम मोदी की भी तारीफ कर चुके हैं. लोगों का मानना है कि कोरोना संकट से निपटने में मोदी सरकार काफी हद तक सफल रही.
    गंभीर मुद्दों की तरफ मुड़ते हुए सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि मंदिर बंद हैं लेकिन हमें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है. मंदिर का अर्थ है कि जो मन में रहता है. उन्होंने कहा, "मैं मंदिर को बाहर नहीं ढूंढता हूं. जो बाहर कर रहे हैं वो आपके शरीर की प्रक्रिया है.
    सुरेंद्र शर्मा ने एंकर सईद अंसारी के साथ बातचीत के अंत में देश को जोड़ने का संदेश देने वाली एक कविता सुनाई.
    जायसवाल परिवार का 15 साल का बेटा रोहित दोपहर को अपने कुछ दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने के लिए घर से निकला था. घर से क्या निकला था. उसके कुछ दोस्त ही उसे अपने साथ बुलाकर ले गए थे. लेकिन दोपहर से शाम हुई और शाम से रात हो गई. मगर रोहित घर नहीं लौटा.
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने छह साल के कार्यकाल में जता दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति वाली सरकार अपने फैसलों से कैसे राजनीति की दशा-दिशा बदल सकती है. नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों पर गौर करें तो देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में भारत का सम्मान बढ़ा है.
    शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर माहौल ना बनाएं, ये काम शांतिपूर्वक होना चाहिए. कोरोना संकट के बीच प्रभु राम भी चाहते हैं कि प्रवासी श्रमिक सुरक्षित घर पहुंचें.
    श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस बारे में कहा कि जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण हो रहा है. राम मंदिर नया नहीं बन रहा है. मंदिर वहां पहले से है, केवल उसका पुनर्निर्माण हो रहा है. नया कुछ भी नहीं है. वह केवल कपड़े में था, कपड़े हटाकर उसका पुनर्निर्माण हो रहा है.
    मुरादाबाद के सलावा गांव में एक पंचायत में फैसला हुआ है कि अब नट समाज के लोग शवों को दफनाने की जगह जलाकर अंतिम संस्कार करेंगे. इससे पहले नट समाज में शवों को दफनाने की पंरपरा रही है.

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