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UPSC Civil Service Examination में पत्रकारिता एवं जनसंचार में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स सिविल सर्विस की तैयारी नहीं कर पाते. वजह, यूपीएससी की ऑप्शनल सब्जेक्ट की सूची में मास कॉम यानी मास कम्युनिकेशन को नहीं रखा गया है.

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    राजस्थान यूनिवर्सिटी की सभी महिला प्रोफेसर और लेक्चरर गुमनाम फोन से परेशान थीं. फोन के जरिए उन्हें लगातार बलात्कार की धमकी दी जा रही थी. इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
    अगर किसी महिला या लड़की को कोई शख्स फोन करके या मैसेज करके या फिर सोशल मीडिया के जरिए रेप करने की धमकी देता है, तो यह अपराध है. आईपीसी और आईटी एक्ट का सहारा लेकर ऐसे अपराधी को सबक सिखाया जा सकता है. अगर किसी को ऐसी धमकी मिल रही है, तो वो क्या कानूनी कदम उठाए....जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर.
    राजस्थान विश्वविद्यालय की 65 महिला शिक्षकों ने सेक्सुअल हरासमेंट की शिकायत दी है. महिला शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें अनजान शख्स लागतार फोन करता है और अश्लील बातें करने की कोशिश करता है. महिला शिक्षकों का आरोप है कि उनका पीछा भी लगातार किया जा रहा है. 
    देश, दुनिया, महानगर, खेल, आर्थिक और बॉलीवुड में क्‍या कुछ हुआ. जानने के लिए यहां पढ़ें समय के साथ साथ खबरों का लाइव अपडेशन.
    देश, दुनिया, महानगर, खेल, आर्थिक और बॉलीवुड में क्‍या कुछ हुआ. जानने के लिए यहां पढ़ें समय के साथ साथ खबरों का लाइव अपडेशन.
    राजस्थान की झुंझुनू सीट पर 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. बीजेपी ने मौजूदा सांसद संतोष अहलावत का टिकट काटकर नरेंदर कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने स्वर्ण कुमार को टिकट दिया है. वहीं बहुजन समाज पार्टी ने अजय पाल को मैदान में उतारा है.
    राजस्थान की पाली लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को चौथे चरण में मतदान हुए. इस सीट से कांग्रेस ने पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ को अपना प्रत्याशी बनाया है, तो बीजेपी ने केंद्रीय विधि राज्य मंत्री पीपी चौधरी को फिर से मौका दिया है. दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. चौधरी और जाखड़ दूसरी बार लोकसभा पहुंचने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं.
    राजस्थान की पाली संसदीय सीट पर कभी कांग्रेस का वर्चस्व हुआ करता था, लेकिन पिछले ढाई दशक से बीजेपी ने यहां अपना दबदबा कायम है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बावजूद कांग्रेस इस इलाके में कुछ खास नहीं कर पाई.
    राजस्थान की जाट बहुल नागौर लोकसभा सीट आजादी के बाद से ही कांग्रेस का गढ़ रही है. मिर्धा परिवार के वर्चस्व वाले इस क्षेत्र में खींवसर से विधायक और जाट नेता हनुमान बेनिवाल हाल के दिनों में अहम फैक्टर बनकर उभरे हैं.

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