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हरियाणा की सियासत में एक वक्त इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की तूती बोलती थी. लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले ओम प्रकाश चौटाला के परिवार में कलह हुआ और पार्टी टूटी. अब विधानसभा चुनाव से पहले विधायक टूट रहे हैं. इसी का नतीजा है कि दूसरे नंबर की पार्टी को अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है.

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    आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की बनाई गई बिल्डिंग 'प्रजा वेदिका' को तोड़ा जा रहा है. वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज जम्मू-कश्मीर जा रहे हैं, जहां वो सुरक्षा हालात और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे. पढ़िए बुधवार सुबह की पांच बड़ी खबरें.
    बसपा और सपा ने 2019 लोकसभा चुनावों के ठीक पहले ही एक दूसरे से हाथ मिलाया था और रुझान आने के कुछ दिन बाद ही गठबंधन भंग कर दिया. इन चुनावों में यह जरूर साफ हो गया कि सपा बसपा के इस गठबंधन से फायदा मायावती को ही पहुंचा.
    उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान बना समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन अब टूट गया है. दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मायावती और अखिलेश यादव पर तंज कसा है.
    मायावती के लगातार हमलों पर अखिलेश यादव खामोशी अख्तियार किए हुए हैं. सपा नेताओं को इस खामोशी में ही फायदा दिख रहा है. ऐसे में सपा की कोशिश मायावती के वोट बैंक में सेंधमारी की है, जिसे अखिलेश यादव संपर्क और संवाद  के फॉर्मूले से अंजाम देना चाहते हैं.
    परिवारवाद का जिक्र करते हुए का चंद्रशेखर ने कहा कि कांशीराम चाहते तो वो भी अपनी विरासत अपने परिवार को दे सकते थे. अब बहुजन समाज आपके (मायावती) बहकावे में नहीं आने वाला है.
    देश, दुनिया, महानगर, खेल, आर्थिक और बॉलीवुड में क्‍या कुछ हुआ. जानने के लिए यहां पढ़ें समय के साथ साथ खबरों का लाइव अपडेशन.
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    मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं, जी हां सियासी हलकों में आज ये पुराना तराना खूब गूंज रहा है. दरअसल आज बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आधिकारिक रूप से ऐलान कर दिया कि अब समाजवादी पार्टी से उनका कोई चुनावी रिश्ता नहीं रहेगा. उपचुनाव ही नहीं, आगे के सारे चुनाव बीएसपी अकेले लड़ेगी. स्पेशल रिपोर्ट में देखें आज इसी मुद्दे पर हमारी खास पेशकश.
    समाजवादी पार्टी के सांसद शफीक उर रहमान बर्क ने गठबंधन टूटने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब हार हो जाती है तो बहुत सी चीजें हो जाती हैं. आपस का तालमेल टूट जाता है.
    बसपा को अर्श से फर्श तक पहुंचाने के लिए कांशीराम ने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय का कास्ट फॉर्मूला बनाया था. इस फॉर्मूले के जरिए मायावती सूबे में चार बार मुख्यमंत्री तो बनीं लेकिन सहेजकर नहीं रख सकीं. ऐसे में मायावती की राजनीतिक विरासत संभालने वाले आनंद और आकाश क्या बसपा को दोबारा से खड़ा कर सकेंगे.

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