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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक देश एक चुनाव को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस मामले को लेकर तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (TRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव का कहना है कि उनकी पार्टी एक देश एक चुनाव का समर्थन करती है.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई. जिसको लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें उन वादों पर फोकस करना चाहिए जो उन्होंने जनता से किए हैं, हमें उम्मीद है कि वो उनको पूरा करने के लिए काम करेंगे.
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन नेशन-वन इलेक्शन पर सर्वदलीय बैठक बुलाई. हालांकि इस बैठक में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने किनारा किया. वहीं कांग्रेस का कहना है कि सरकार के जरिए मुद्दे से भटकाने का काम किया जा रहा है.
    वैसे तो नेताओं को कुर्सी से बहुत प्यार होता है, लेकिन महाराष्ट्र के अमरावती में कुर्सी ही नेता जी के लिए आफत बन गई. जिन कुर्सियों को कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए लगाया था. उसी कुर्सी से कार्यकर्ता नेता जी को पीटने लगे.
    नरेंद्र मोदी सरकार बजट सत्र में तीन तलाक, केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान आरक्षण और नागरिकता संशोधन जैसे कई अहम बिल को पेश करेगी. लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल होने के चलते यह बिल संसद के निचले सदन में आसानी से पास हो जाएंगे, लेकिन राज्यसभा से पारित करना बड़ी चुनौती होगी.
    मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा है कि एक नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता है, उसे बचाए रखना जरूरी है.
    2014 में शून्य के मुकाबले 2019 के लोकसभा चुनाव में 10 सीटें जीतने के बाद मायावती को क्यों लगा कि अब गठबंधन तोड़ देना चाहिए. क्या है मायावती का गेम प्लान.
    लोकसभा चुनाव से पहले देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में बीजेपी को रोकने के लिए एसपी-बीएसपी और आरएलडी ने गठबंधन किया था. गौरतलब है कि बीएसपी ने खुद को इस गठबंधन से अलग करने के संकेत दिए थे.
    लोकसभा चुनाव 2019 के खत्म होने के महज दो हफ्तों के भीतर ही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच बना गठबंधन खत्म हो चुका है. इसके साथ ही एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती की राहें अलग-अलग हो चुकी हैं. हालांकि अब सवाल यही उठ रहा है कि आखिर मायावती ने अखिलेश को इस कदर एकाएक झटका क्यों दिया?
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    लोकसभा चुनाव के नतीजों के 12 दिन बाद ही यूपी में गठबंधन की एक्सपायरी डेट आ गई. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आज औपचारिक रूप से यूपी में गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया. सियासत की दुनिया का यही कायदा है. वही करो, जिसमें फायदा है. सियासत में कोई सगा नहीं, कोई रिश्ते में पगा नहीं. कोई अपना नहीं, कोई बेगाना नहीं. कोई स्थायी दोस्त नहीं, कोई स्थायी दुश्मन नहीं. सियासत में हर रिश्ते की एक उम्र होती है, जो फायदे नुकसान से प्रभावित होती है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी कुछ अलग नहीं हुआ. स्पेशल रिपोर्ट में आज देखें सपा-बसपा गठबंधन में पड़ रही दरार.

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