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बांकुरा जिले के चंदई इलाके में बीजेपी के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया. बीजेपी ने इस आगजनी के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है.

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    आरोप है कि वामपंथी छात्रों ने बीरभूम के बाहरी लोगों को कैंपस में बुलाया और विश्वभारती विश्वविद्यालय के परिसर में बैठक की. इस दौरान तृणमूल पार्टी से जुड़े छात्रों से उनकी भिड़ंत हो गई.
    बीजेपी ने साल 2018-19 में 2410 करोड़ रुपये की कमाई की है, जिसमें से 1450 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड से मिले हैं. इस लिस्ट में कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर है.
    6 राजनीतिक दलों की कुल कमाई में 2410 करोड़ रुपये अकेले बीजेपी का है, जो सभी दलों की कुल कमाई का 65.16 फीसदी है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल के दौरान 6 राजनीतिक दलों (बीजेपी, कांग्रेस, सीपीएम, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई) की कमाई में 2308.92 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इसमें से 52 फीसदी यानी 1931.43 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए आए हैं.
    गृह मंत्रालय जैसे अहम विभाग संभालने की वजह से अमित शाह पार्टी का काम जेपी नड्डा ही संभाल रहे थे. नड्डा के कार्यवाहक अध्यक्ष बने हुए अभी तक आठ महीने हुए हैं और इस दौरान वो अपनी सियासी प्रैक्टिस पारी में फेल रहे हैं. अब जेपी नड्डा को बीजेपी की कमान पूर्ण रूप से सौंपी जा रही है तो ऐसे में उनके सामने कई चुनौतियां हैं.
    केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला है. सोमवार को हुई विपक्ष की बैठक पर उन्होंने कहा आज विपक्ष की एकजुटता उजागर हुई, क्योंकि सपा, टीएमसी, बीएसपी और आप ने इसमें भाग नहीं लिया.
    कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में बुलाई गई इस बैठक में एक दर्जन से अधिक विपक्षी दल शामिल हुए लेकिन कुछ बड़े दल शामिल नहीं हुए. महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ सरकार चला रही शिवसेना को इस बैठक के लिए न्योता नहीं दिया गया था.
    कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के तमाम दल शामिल हो रहे हैं, लेकिन बसपा, टीएमसी, शिवसेना और AAP ने विपक्षी दलों की इस बैठक से दूरी बना ली है. इन चारों दलों के अपने-अपने सियासी कारण हैं, जिसके चलते कांग्रेस के नेतृत्व में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने से कदम पीछे खींच लिए हैं.
    इस बैठक में शामिल होने के लिए तमाम विपक्षी दलों को न्योता दिया गया है, लेकिन कई दलों ने कांग्रेस की इस कोशिश को झटका दे दिया है. अब खबर ये है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने भी सोनिया गांधी की अगुवाई वाली इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है. शिवसेना ने निमंत्रण न मिलने का हवाला दिया है.
    नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा पर विपक्ष की आज बड़ी बैठक है. कांग्रेस के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (AAP) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) शामिल नहीं होगी. जबकि उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर अब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू किया जा  रहा है. पढ़ें, सुबह की 5 बड़ी खबरें...

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