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बीजेडी ने 41 फीसदी और टीएमसी ने 33 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया. बीजेपी और कांग्रेस ने भी महिलाओं को संसद पहुंचाया लेकिन टीएमसी और बीजेडी का नाम इसलिए अहम है क्योंकि बंगाल और ओडिशा से महिलाओं की भागीदारी इन पार्टियों के चलते बढ़ गई है.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में 303 सीटें जीती है. ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी किन सीटों पर हार गई.
    'आजतक' ने एग्जिट पोल में जो अनुमान लगाए थे, वो फाइनल नतीजों से पूरी तरह मैच कर गए, जो इस बात का प्रमाण हैं कि देश का नंबर वन न्यूज़ चैनल विश्वसनीय एग्जिट पोल करने में भी सर्वश्रेष्ठ है.
    राज्य के रायगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा की गोमती साय ने कांग्रेस के लालजीत सिंह राठिया से 66027 वोटों से जीत दर्ज की है. जबकि रायपुर लोकसभा सीट से भाजपा के सुनील सोनी ने कांग्रेस के प्रमोद दुबे को 348238 मतों से पराजित किया है.
    देश, दुनिया, महानगर, खेल, आर्थिक और बॉलीवुड में क्‍या कुछ हुआ. जानने के लिए यहां पढ़ें समय के साथ साथ खबरों का लाइव अपडेशन.
    बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के पुरोधा लालकृष्ण आडवाणी की बहुचर्चित सीट गांधीनगर से उतरे और साढ़े 5 लाख से ज्यादा वोटों के रिकॉर्ड मार्जिन से जीते.  ये पहला चुनाव है जब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य की किसी सीट से उम्मीदवार नहीं हैं. हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के चलते पार्टी कार्यकर्ता नतीजों को लेकर थोड़ा घबराए हुए थे, लेकिन अंतिम आंकड़े देखकर सभी ने राहत की सांस ली.
    नरेंद्र मोदी को एक बार फिर सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में उत्तर भारत का अहम रोल रहा. हिमाचल-उत्तराखंड की वादियों से लेकर उत्तर प्रदेश के मैदान तक, बिहार की पूर्वी हवा से लेकर राजस्थान की मिट्टी तक. हर जगह भगवा-भगवा हो गया. इन्हीं राज्यों के दम पर नरेंद्र मोदी का 300+ मिशन पूरा हो गया.
    राशिद अल्वी ने कहा कि यह संभव नहीं है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी 50-55 सीटें ले जाए और दूसरे प्रदेशों में इतने भारी बहुमत से जीते.हम भी यूपी में तमाम सीटों में घूमे हैं, लेकिन ऐसा मुझे कहीं नहीं लगा. अब अचानक मोदी की सुनामी आ गई है. यह बात हमारे गले से नीचे नहीं उतर  रही है.
    इस बार राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने पूरे दमखम के साथ नरेंद्र मोदी-अमित शाह की जोड़ी का सामना किया है. नतीजे आने से पहले कांग्रेस दफ्तर के बाहर समर्थकों ने पूजा अर्चना शुरू कर दी है. दफ्तर के बाहर कई समर्थक हवन कर रहे हैं.
    2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प बना हुआ है क्योंकि दोनों ही राज्यों में कांग्रेस ने हाल ही में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है.

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