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राजपूत महासभा ने चेतावनी दी है कि अगर आनंदपाल एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच नहीं होती है और उसके बाद हुई हिंसा में राजपूत नेताओं पर दर्ज मुकदमों को खत्म नहीं किया जाता है तो राजपूत समाज फिर से आंदोलन करेगा.

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    मध्य प्रदेश में शिवराज कैबिनेट के विस्तार के साथ मंत्रिमंडल में अब कुल 34 मंत्री हो गए हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी 14 मंत्री शामिल हैं, जो मौजूदा समय में विधानसभा के सदस्य नहीं है. ऐसे में इन 14 मंत्रियों को छह महीने के अंदर विधायक बनना होगा नहीं तो मंत्री पद से हाथ धोना पड़ेगा.
    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट विस्तार के जरिए ग्वालियर-चंबल इलाके का समीकरण ही नहीं साधा बल्कि 24 उपचुनाव वाली सीटों के 14 बीजेपी संभावित प्रत्याशी को मंत्री बनाकर बड़ा दांव भी चला है. हालांकि, इसका चुनाव में बीजेपी को कितना सियासी फायदा मिलता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा?
    मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके 22 समर्थकों के साथ सत्ता का संतुलन साधने में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण बिगड़ गया है. इसके चलते कैबिनेट में कई इलाके को नजर अंदाज करना पड़ा है तो सिंधिया के चंबल-ग्वालियर पर सरकार मेहरबान नजर आई है.
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    ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में आने से शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा ने भले ही सरकार बनी ली है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या पार्टी का सियासी पावर बैलेंस बिगड़ गया है. इसका असर कैबिनेट विस्तार में साफ तौर पर दिखा है. जिसका नतीजा है कि बीजेपी के कई दिग्गज नेता मंत्री बनने से महरूम रह गए हैं.
    मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिवराज कैबिनेट में 28 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई है, जिनमें 20 कैबिनेट और 8 राज्य मंत्री शामिल हैं. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 12 नेताओं को मंत्री बनाए जाने के चलते बीजेपी के कई दिग्गजों का मंत्रिमंडल से पत्ता कट गया है.
    शिवराज कैबिनेट में गुरुवार को कुल 28 नेताओं को मंत्री पद की शपथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिलाई. कमलनाथ सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया के 6 समर्थकों को मंत्री बनाया गया था जबकि शिवराज सरकार में 14 मंत्री सिंधिया खेमे के हो गए हैं. इस तरह से शिवराज कैबिनेट में सिंधिया समर्थकों का दबदबा साफ नजर आ रहा है.
    नीतीश कुमार और बीजेपी की नजर आरजेडी के कोर वोटबैंक पर हैं. जेडीयू-बीजेपी ने एमएलसी चुनाव में कैंडिडेट उतारकर एक तरफ जातीय समीकरण सेट करने की कवायद की है तो वहीं, नीतीश कुमार ने आरजेडी के पांच एमएलसी को तोड़कर तेजस्वी को झटका दिया.
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    आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कैसे होगा और इसके सामने क्या चुनौतियां हैं, इसको लेकर e-एजेंडा आजतक के मंच पर मोदी सरकार में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग के मंत्री गिरिराज सिंह भी चर्चा में शामिल हुए. इस दौरान कृषि सेक्टर के लिए सरकार कैसे राहत कार्य में जुटी हुई है, इस पर बात की. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को बनाने के लिए कैसे किसानों और मछुआरों के हाथों को मजबूत करेंगे. उनके मंत्रालय से जुड़े हुए विभागों पर वित्त मंत्री की ओर से एनिमल हसबैंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड में 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. 53 करोड़ पशुओं के टीकाकरण की योजना के लिये 13,343 करोड खर्च किए जाएंगे. 20 हजार करोड़ की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को कोरोना के कारण तत्काल लागू किया जा रहा है. और क्या कुछ बोले गिरिराज सिंह, जानने के लिए देखिए वीडियो.

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