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इतिहास के पन्नों में ऐसे भी क्रांतिकारियों का नाम भी दर्ज है, जिनका जन्म स्थान एक ही है और वह एक दिन फांसी के फंदे पर देश के लिए लटक गए. जानिए- उनके बारे में...

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    लखनऊ के मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले, रंगकर्म का बिल्कुल भी अनुभव या बैकग्राउंड न होते हुए भी हिमांशु के लिए खुद को फुल टाइम प्रोफेशनल दास्तानगो के बतौर कामयाब बना पाना इतना आसान भी नहीं था.
    आजादी को लेकर चंद्रशेखर आजाद का जज्बा ऐसा था कि वो पीठ पर कोड़े खाते रहे और वंदे मातरम् का उद्घोष करते रहे. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके लिए ट्वीट किया. आइए, उनकी जयंती पर उनके बारे में कुछ रोचक तथ्य जानें.
    आज उस रणबांकुरे का जन्म दिवस है जिसने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया. सरफरोशी की तमन्ना रखने वाला वो शायर, लेखक, इतिहासकार, साहित्यकार रामप्रसाद बिस्मिल आज भी दुनिया के लिए मिसाल है. उनकी आत्मकथा के जरिये उनके साहस का वो लम्हा महसूस कीजिए जब जेल सुपरिटेंडेंट ने उन्हें वो तार पढ़कर सुनाया जिसमें लिखा था कि उनकी फांसी मुकर्रर है.
    गोंडा पूर्व में बस्ती, पश्चिम में बहराइच, उत्तर में बलरामपुर और दक्षिण में बाराबंकी तथा फैजाबाद से घिरा हुआ है. घाघरा नदी के किनारे बसा यह शहर देवीपाटन मंडल में आता है. पुरातन इतिहास के साथ-साथ इस धरती का महत्व आजादी की लड़ाई में भी रहा. ब्रिटिश सरकार की ओर से गोंडा की जिला जेल में काकोरी कांड में शामिल रहे क्रांतिकारी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को तय तिथि से दो दिन पहले ही 17 दिसंबर 1927 को फांसी पर लटका दिया गया था.
    क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्‍मिल, अशफाक उल्‍ला खान और ठाकुर रोशन सिंह को साल 1927 में आज ही के दिन फांसी दी गई थी.
    आज क्रांतिकारी, शायर, लेखक, इतिहासकार, साहित्यकार रामप्रसाद बिस्मिल का 121वां जन्मदिवस है. बिस्मिल ने महज 11 साल की उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना शुरू कर दिया था.
    जानें कैसे इंजीनियरिंग छोड़ कॉमेडी के सरताज बने जसपाल भट्टी.कुछ ऐसी थी उनकी जिंदगी.
    क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद ने आज ही के दिन यानि 27 फरवरी 1931 को खुद को गोली मार ली थी. उन्होंने इलाहाबाद में ब्रिटिश पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तारी से बचने के लिए गोली मार ली थी.
    अशफाकुल्ला खान को कलम का क्रांतिकारी कहा जाता है. गरम दल के नेताओं के सात क्रांति की अलख जगाने वाले खान कलम से कई देशभक्ति कविताएं भी लिखते थे. वह ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने अंग्रेजों को खजाना हंसते- हंसते लूटा...

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