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एस्ट्रो अंकल में बात करेंगे मार्गशीष महीने के मंगलकारी विषय पर. जानिए मार्गशीष महीने का महत्व. इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी होता है. जो लोग प्रतिदिन नहाते हैं उनके लिए भी विशेष स्‍नान से मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं. साथ ही जानिए राशियों का हाल और गुडलक टिप्स.

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    एस्ट्रो अंकल में बात करेंगे कार्तिक पूर्णिमा के मंगलकारी विषय पर. कार्तिकमास में पड़ने वाली पूर्णिमा को  कार्तिक पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है इस दिन भगवान विष्णु  की कृपा के साथ-साथ भगवान शिव की कृपा बहुत आसानी से मिल सकती है. तो बताएंगे कि कैसे भगवान विष्णु का आशीर्वाद से आप पा सकते हैं उत्तम स्वास्थ्य और धन धान्य का वरदान. साथ ही जानिए आनेवाले दिन को कैसे बनाये भाग्यशाली.
    08:59
    आज एस्ट्रो अंकल में आप जानेंगे कि मोर पंख कैसे हमारी किस्मत पर असर डालता है. पंडित शिरोमणि सचिन हमें बताएंगे कि मोर पंख से सोई हुई किस्मत को कैसे जगाया जा सकता है. शास्त्रों में मोरपंख को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. आध्यात्मिक दृष्टि से भी मोरपंख बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. साथ ही जानेंगे कि आपका राशिफल क्या कहता है? देखिए एस्ट्रो अंकल.
    09:47
    कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बैकुंठ चतुर्दशी और दीपदान के रूप में मनाया जाता है. एस्ट्रो अंकल में आज बात करेंगे इस बैकुंठ चतुर्दशी की महिमा और महत्व के बारे में. बताएंगे बैंकुंठ चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा और दीपदान करके कैसे मिलेगा संपूर्ण महीने का शुभ फल. साथ ही जानिए आनेवाले दिन को कैसे बनाएं भाग्यशाली. 
    06:33
    एस्ट्रो अंकल में आज बात करेंगे शनि प्रदोष व्रत के बारे में. शास्त्रों में प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का दिन है. जो प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है उसे शनि प्रदोष कहते हैं. शनि प्रदोष व्रत करके कोई भी व्यक्ति अपने मन की इच्छा को बहुत जल्द पूरा कर सकता है. हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है. तो जानिए शनि प्रदोष व्रत का महत्व और महिमा. साथ ही बताएंगे शनिप्रदोष का व्रत करके जीवन में आ रही सारी समस्याओं और दोषों को कैसे खत्म किया जा सकता है. पहले जानेंगे आनेवाले दिन को कैसे बनाएं भाग्यशाली.
    09:57
    एस्ट्रो अंकल में आज बात करेंगे देव प्रबोधिनी एकादशी की महिमा और महत्व की. बताएंगे कि देव प्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु सुप्त अवस्था को छोड़कर जागृत अवस्था में आएंगे तो आप कैसे सुख-सौभाग्य का महावरदान प्राप्त कर सकते हैं. पहले जान लीजिए आनेवाले दिन को कैसे बनाये भाग्यशाली.
    09:57
    एस्ट्रो अंकल में बात हम करेंगे लड़ाई- झगड़े वाले स्वभाव के बारे में और बताएंगे कौन से ग्रह के कारण आप लड़ने झगड़ने की आदत डाल लेते हैं. लड़ाई झगड़े के लिए मुख्य रूप से मंगल ग्रह को जिम्मेदार माना जाता है. छठे भाव का स्वामी और छठा भाव भी लड़ाई के लिए जिम्मेदार होता है. तीसरे भाव का स्वामी अच्छी अवस्था में ना होने पर और चंद्रमा   पीड़ित होने पर झगड़े की समस्या बन जाती है. मंगल को नवग्रहों में सेनापति  का दर्जा दिया गया है. मंगल शक्ति, ऊर्जा, आत्मविश्वास और पराक्रम का स्वामी है. इसका मुख्य तत्त्व अग्नि तत्व है और इसका मुख्य रंग लाल है. तांबा इसकी धातु है और जौ लाल मसूर आदि इसकी दान के अनाज है.
    09:40
    एस्ट्रो अंकल में बात करेंगे वक्री बुध के तुला राशि में प्रवेश की और कैसे वक्री बुध से शुभता पाने के लिए क्या करें उपाय. वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध को वाणी वाणिज्य व्यापार  के कारक होने के साथ-साथ नाक कान गले तथा त्वचा की बीमारियों के लिए देखा जाता है.  वाणी और बुद्धि के कारक बुध वृश्चिक राशि से वक्री होकर तुला राशि में 7 नवंबर 2019 को प्रवेश कर रहे हैं यह वक्री बुध 20 नवंबर तक रहेगा.
    09:45
    एस्ट्रो अंकल आज आपको बताएंगे गुरु के धनु राशि में प्रवेश की और गुरु का काल पुरुष के नवम भाव में प्रवेश सभी राशियों पर कैसा डालेगा प्रभाव. गुरु को ज्ञान के साथ-साथ आपके संयम और सत्यता का प्रतीक माना जाता है गुरु को सभी मांगलिक कार्यक्रम शुभता और सुख समृद्धि तथा सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं गुरु वृश्चिक राशि से  धनु राशि मे प्रवेश कर रहे है.
    08:52
    एस्ट्रो अंकल आज आपको बताएंगे गोपाष्टमी के पर्व के बारे में और गोपाष्टमी पर गांव की सेवा किस तरीके से आपकी परेशानियों को दूर करेगी.  कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी मनाई जाती है.  गोपाष्टमी के दिन सुबह के समय स्नान करके साफ सुथरे कपड़े पहने.  किसी भी गौशाला में जाकर गाय और उसके बछड़े को स्नान कराकर रोली मोली चावल हल्दी आदि से पूजा अर्चना करें. भीगी हुई चने की दाल गुड़ और आटे की लोई बनाकर गाय को अवश्य खिलाएं.  किसी भी गौशाला में जाकर गाय के पैरों के नीचे की मिट्टी लेकर माथे पर तिलक अवश्य करें. ऐसा करने से पारिवारिक जीवन की तमाम नकारात्मकतायें नष्ट हो जाती हैं. ऐसा करने से नौकरी व्यापार इत्यादि में सफलता मिलती है और नवग्रहों का दुष्प्रभाव कम हो जाता है.

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