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मूड ऑफ द नेशन के इस सर्वे में 70 फीसदी लोगों ने कोरोना वायरस को वर्तमान भारत की सबसे बड़ी समस्या बताया. शहरी क्षेत्र में 74 फीसदी लोग कोरोना महामारी को मौजूदा भारत की सबसे बड़ी समस्या मानते हैं तो ग्रामीण भारत के 68 फीसदी लोग कोरोना महामारी को देश की सबसे बड़ी समस्या मानते हैं.

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    वाल्तेयर मानते थे कि सामाजिक समरसता के लिए थोडी-थोड़ी दैव आस्था जरूरी है. वाल्तेयर की कल्पनाओं के मुताबिक भगवान ने दुनिया बनाई. लोगों में अच्छाई और बुराई का भाव भरा इसके बाद वो किनारे हो गए. बाकी का काम मनुष्य को खुद करना था. धर्म को लेकर वाल्तेयर की आलोचनात्मक कटुता उसे संस्थागत रूप देने पर थी. वे नास्तिक नहीं थे, उनका विरोध रोमन कैथोलिक चर्च के कठमुल्लापन को लेकर था.
    खैबर पख्तूनख्वा में मिली गौतम बुद्ध की एक प्राचीन प्रतिमा को तोड़ दिया गया. गौतम बुद्ध की मूर्ति मर्दन जिले के तख्त बही क्षेत्र में एक घर के निर्माण के दौरान मिली.
    e-Agenda: मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि तर्कों की कंगाली लोगों को कुतर्कों का मवाली बना चुकी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली दंगों के दबंग नहीं बचेंगे.
    इरफान की एक्टिंग में एक अजब सी ऊर्जा और आक्रामकता थी. एक तेज़ी थी, पैनापन था. वह हर किरदार को पर्दे पर जीवंत कर देते थे. एकदम सहज स्वाभाविक. ऐसा महसूस होता था कि ये जो एक्टर विश्वस्तर पर छा रहा है, अपने आसपास का ही कोई है, हममें से एक है.
    12:56
    फिल्म इंडस्ट्री को लगातार दूसरे दिन एक और बड़ा झटका लगा है. बुधवार को इरफान खान के जाने का गम अभी खत्म ही नहीं हुआ था कि गुरुवार को एक और दिग्गज अलविदा कह गया. ऋषि कपूर ने गुरुवार को मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली. बॉलीवुड के कई अभिनेता, नेता समेत कई बड़ी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. 2016 में एक्टर ऋषि कपूर ने आजतक के खास कार्यक्रम सीधी बात में हिस्सा लिया था. इस दौरान ऋषि कपूर ने तमाम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी थी. इस वीडियो में देखें देश में असहिष्णुता और भारत-पाकिस्तान के रिश्ते पर क्या बोले थे ऋषि कपूर.
    43:25
    बड़े दिनों के बाद चिट्ठी आई है. कोरोना काल में मुसलमानों को कथित उत्पीड़न से बचाने की गुहार वाली ये चिट्ठी 101 पूर्व नौकरशाहों ने लिखी है. इस चिट्ठी का मजमून ये है कि तबलीगी जमात के मामले के बाद मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाया गया जिससे वो भेदभाव के शिकार हो रहे हैं. चिट्ठी में तब्लीगी जमात की आलोचना है लेकिन कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन अकेले जमात ने नहीं किया. गौरतलब ये है कि ये चिट्ठी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीजेपी पर सांप्रदायिकता पर वार की तारीख एक ही है. कल 23 अप्रैल को सोनिया गांधी ने कहा था कि सांप्रदायिकता के वायरस को फैलाया जा रहा है, तो वहीं 101 पूर्व नौकरशाहों की चिट्ठी भी राज्यों को कल ही लिखी गई. सवाल ये कि ये चिट्ठी चिंतन से निकली है या राजनीति से ?
    पूर्व नौकरशाहों की ओर से लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि कोरोना काल में मुस्लिमों को लेकर समाज में शत्रुता भर गई. मुस्लिम विक्रेताओं के थूकने के फर्जी वीडियो क्लिप्स सामने आए. चिट्ठी में ऐसी कुछ घटनाओं का ब्योरा है, जिसमें मुसलमानों से भेदभाव का भी जिक्र किया गया है. चिट्ठी इन घटनाओं को लेकर मुस्लिम देशों से भारत के संबंधों को लेकर भी आगाह करती है.
    दिल्ली हिंसा मामले में भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए. आप नेता संजय सिंह ने हेट स्पीच का मामला उठाया है.
    दिल्ली में हुई हिंसा में अबतक 41 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 200 लोग घायल हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभी तक इस हिंसा में 48 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

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