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सरकार चलाने के लिए निर्णय लेना जरूरी

आज तक के कार्यक्रम 'सुनिये वित्त मंत्रीजी' के सत्र 'बजट वही जो अच्छे दिन लाए' में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपनी सरकार द्वारा अब तक लिए गए फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि देश चलाने के लिए निर्णय लेना जरूरी हैं.
सरकार चलाने के लिए निर्णय लेना जरूरी कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद
aajtak.in [Edited By: संदीप कुमार सिन्हा]नई दिल्‍ली, 04 July 2014

आज तक के कार्यक्रम 'सुनिये वित्त मंत्रीजी' के सत्र 'बजट वही जो अच्छे दिन लाए' में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपनी सरकार द्वारा अब तक लिए गए फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि देश चलाने के लिए निर्णय लेना जरूरी हैं. अगर अच्छे दिन लाने हैं तो हमें निवेश चाहिए. जब पुंजी होगी तभी मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में विकास होगा.

इसके जवाब में पूर्व वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि पिछले 10 साल में कोई काम नहीं हुआ है यह कहना गलत होगा. आंकड़े बताते हैं कि 10 साल में निवेश बढ़ा है. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में दुनिया के कई बड़े निवेशक आते थे. हालात खराब थे, यह कहने का कोई आधार नहीं है. हम दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने. 2000 से 2010 तक देश में 327 बिलियन डॉलर विदेशी निवेश आया है. 205 बिलियन डॉलर तो सिर्फ यूपीए 2 में आए, कैसे कहते हैं कि स्थिति खराब थी. हर चीज के लिए मनमोहन सिंह जिम्मेदार नहीं है. नई सरकार को अपने काम की जिम्मेदारी लेनी होगी. पर सच यह है कि हम दुष्प्रचार से हार गए.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चुनावी राजनीति के नतीजों को कांग्रेस झुठला नहीं सकती. आंकड़े पेश करने के लिए सबके पास हैं पर मैं देश की जनता को इसमें फंसाना नहीं चाहता. बार-बार दुष्प्रचार का ठीकरा फोड़कर कांग्रेस जनता की समझ को कम आंक रही है. हकीकत यह है कि अर्थव्यवस्था बुरे हाल में थी. जनता परेशान थी उन्होंने अपना फैसला सुना दिया.

 आनंद शर्मा ने कहा, 'अगर मोदी जी खुद ही हर विभाग की सचिव की नियुक्ति करेंगे तो प्रभु ही जानता है कि मंत्रियों की क्या भूमिका होगी. हमारे समय में वातावरण खराब हुआ था और इसके लिए बड़ी संख्या की जरूरत नहीं पड़ती. संसद को चलना नहीं दिया गया. न हमनें अपनी बात कहीं और न ही विपक्ष ने कुछ भी कहा. हम जनादेश का सम्मान करते हैं. हमनें 2009 से ज्यादा वोट पाए पर सीटें कम हो गईं. हमारे साथी सोच रहे हैं कि हम पीएम मोदी को जमीन पर लेटकर प्रणाम करेंगे तो यह कभी नहीं होने वाला.'

कॉरपोरेट लॉबिंग पर देश के दूरसंचार मंत्री ने कड़े संकेत दिए. उन्होंने कहा, 'यह सरकार दबाव और प्रभाव पर नहीं चलेगी. मंत्रियों को ना कहना सीखना होगा. यानी ये काम हो सकता है या फिर नहीं हो सकता.'

रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'मोदी जी ने पहले ही साफ कर दिया है कि हमारी सरकार गरीबों के लिए है. लेकिन इसके लिए पैसे की जरूरत पड़ेगी. जनता के टैक्स का सदुपयोग होना चाहिए. हमारी सरकार साफ मन से फैसला करेगी.' उन्होंने कहा, 'MTNL व BSNL आज की तारीख में घाटे में हैं. टेलीकॉम को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.'

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