एडवांस्ड सर्च

कश्मीर की पहली बेटी जिसने पास की UPSC परीक्षा, छोटे भाई ने की मदद

रेहाना बशीर जम्मू- कश्मीर की पहली लड़की हैं, जिन्होंने यूपीएसई की परीक्षा पास की है. कमाल की बात ये है कि इस परीक्षा में मदद उनके छोटे भाई ने की है.

Advertisement
aajtak.in [Edited by: प्रियंका शर्मा ]नई दिल्ली, 11 April 2019
कश्मीर की पहली बेटी जिसने पास की UPSC परीक्षा, छोटे भाई ने की मदद Rehana Bashir

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के परिणाम जारी होने के बाद कई प्रेरक कहानियां इंटरनेट पर छा रही है. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है जम्मू-कश्मीर की रेहाना बशीर की, जिन्होंने लगन और कड़ी मेहनत के साथ देश की सबसे मुश्किल सीविल सर्विस की परीक्षा पास की है. आइए  जानते हैं उनकी सफलता के बारे में...

रेहाना बशीर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के गांव सलवा की रहने वाली हैं. उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 187वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रौशन किया है.

आपको बता दें, रेहाना ने यूपीएसई की परीक्षा दूसरी बार दी  है. यूपीएसई परीक्षा के लिए उन्होंने पहला प्रयास साल 2017 में किया था. उसी साल रेहना के छोटे भाई अमित बशीर ने भी ये परीक्षा दी और सफलता हासिल की. इस समय वह भारतीय राजस्व अधिकारी हैं और आयकर विभाग में उनकी नियुक्ति है. रेहाना ने बताया कि सबसे ज्यादा मोटिवेशन अपने छोटे भाई को देखकर मिली. आपको बता  दें, रेहाना एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं. उन्होंने  शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से एमबीबीएस किया है.

आसान नहीं था सफर, छोटे भाई से हुईं प्रेरित

रेहान का यूपीएसई परीक्षा के लिए ये दूसरा प्रयास था, ऐसे में उन्होंने बताया- " मेरे लिए ये परीक्षा का स्ट्रेस लेना आसान नहीं था. मेरे छोटे भाई ने मेरा काफी साथ दिया. उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया. उन्होंने आगे कहा- "कई बार मैंने खुद से अपने फैसले के बारे में सवाल किया, लेकिन मेरे दोस्त और परिवार के सदस्य हमेशा मुझे मेरे लक्ष्य के बारे में याद दिलाते रहते.

मेडिकल की पढ़ाई के बाद क्यों चुना UPSC,  क्या है जीवन का लक्ष्य

रेहाना ने बताया - "जब मैं नवंबर 2016 में एक इंटर्नशिप कर रही थी, उस दौरान मुझे एहसास हुआ कि मैं सरकार का एक हिस्सा बनकर लोगों की बेहतर सेवा कर सकती हूं". जब मैं कॉलेज में थी उस वक्त मेरी दुनिया किताबों में सिमट गई थी. वहीं एक बार जब मैंने काम करना शुरू किया तो उसके बाद मैं जमीनी हकीकत को समझ पाई. मुझे समझ में आया कि मैं सिर्फ डॉक्टर होने के अलावा कुछ और करना चाहतीं हूं".

उन्होंने आगे कहा- "एक डॉक्टर के तौर पर मैं केवल एक मरीज का इलाज कर सकती हूं, लेकिन मैं उसकी समस्याओं को हल नहीं कर सकती". ऐसे कई मुद्दे हैं जो बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याओं को हल कर सकते हैं, जैसे कि पीने के साफ पानी की पहुंच, उचित सड़कें, अच्छा भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य और स्वच्छता आदि". इस नौकरी के जरिए मैं लोगों की बेहतर सेवा कर पाऊंगी".

ये होगी काम की रणनीति

रेहाना ने बताया कि जैसे ही मुझे कोई प्रोजेक्ट दिया जाएगा. वह उस क्षेत्र के बारे में पढ़ने, जमीनी वास्तविकताओं को जानने, नीति कार्यान्वयन का हिस्सा बनने की योजना बनाएंगी. उन्होंने आगे कहा-  "मैं अपने कर्तव्यों को जानना चाहती हूं, अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहती हूं. साथ ही स्थिति की मांग के अनुसार काम करूंगी".

रेहाना का कहना है कि वह समाज में बदलाव लाना चाहती है, देश में सरकारी नीतियों को लागू करना चाहती है. रेहाना ने देश के प्रति अपनी देशभक्ति का जिक्र करते हुए कहा- "मैं खुशी से अपने देश के किसी भी राज्य में काम करूंगी और मैं केवल कश्मीर तक ही सीमित नहीं हूं.  मैं पहले अपने देश की सेवा करना चाहती हूं".

जम्मू- कश्मीर के इन 6 उम्मीवारों ने भी पास की UPSC परीक्षा, पढ़ें- नाम

रेहाना बशीर के अलावा जम्मू और कश्मीर के 6 उम्मीदवारों ने भी यूपीएसई की सिविल सेवा परीक्षा 2018 में सफलता हासिल की है.  परीक्षा में कुल 759 परीक्षार्थी सफल हुए हैं, जिसमें जम्मू क्षेत्र से सात नाम शामिल हैं. जिसमें  286वीं रैंक हासिल करने वाले अभिषेक अगस्त्या और 320वीं रैंक पाने वाले सनी गुप्ता दोनों जम्मू शहर से हैं. वहीं अन्य सफल उम्मीदवारों में रियासी जिले से बाबर अली चगत्ता (364वीं रैंक), जम्मू जिले से हरविंदर सिंह (335वीं रैंक), गोकुल महाजन (564वीं रैंक ) और देवहुति (668वीं रैंक) शामिल हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay