एडवांस्ड सर्च

इंडियन आर्मी के लेफ्टिनेंट अनिल पुरी ने 90 घंटे में 1200 KM की फ्रांस साइकिल रेस की पूरी

इंडियन आर्मी के लेफ्टिनेंट अनिल पुरी ने पूरी की 1200 किमी की फ्रांस साइकिल रेस... इन- इन मुश्किलों को करना पड़ा सामना

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 25 August 2019
इंडियन आर्मी के लेफ्टिनेंट अनिल पुरी ने 90 घंटे में 1200 KM की फ्रांस साइकिल रेस की पूरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी (फोटो-ANI)

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी फ्रांस की सबसे पुराने साइकिलिंग इवेंट को पूरा करने वाले पहले भारतीय जनरल बने गए हैं. उन्होंने 1,200 किलोमीटर साइकिल चलाकर पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस सर्किट पूरा किया. वह 56 साल के हैं.  जो लोग ये समझते हैं कि इस उम्र में इंसान ज्यादा एक्टिव नहीं रहता है. उन्होंने उन लोगों का मुंह बंद कर मिसाल पेश कर दी है.

56 साल के लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने बिना रुके 90 घंटे तक साइकिल चलाते हुए सर्किट पूरा कर लिया है. आपको बता देें, लगातार बिना रुके साइकिल चलाना इतना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कर दिखाया.

फ्रांस की सबसे पुराने साइकिलिंग इवेंट में भारत से 367 लोगों ने हिस्सा लिया था. जिसमें से केवल 80 अरडोस ट्रेक को पूरा कर पाए. वहीं अन्य लोग बीच में ही रेस छोड़कर चले गए. इस रेस में 60 देशों से कुल 6,500 प्रतिभागी शामिल हुए थे.

बेहद मुश्किल थी रेस

ये रेस इतनी आसान नहीं थी. अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक प्रतिभागी को सर्किट के दौरान लगभग 31,000 फीट की ऊंचाई पर चढ़ना पड़ता है. आपको बता दें, 4 दिनों तक  सोए बिना प्रतिभागियों को 31,000 हजार की फीट की ऊंचाई पर चढ़ना होता है, जो माउंट एवरेस्ट को फतह करने के बराबर है.

लेफ्टिनेंट अनिल पुरी ने कहा "मेरे लिए ये शानदार अनुभव है, इंसानी दिमाग बहुत ही खूबसूरत मशीन है, जिसे उत्साहित बनाए रखने की जरूरत होती है." उन्होंने कहा दिमाग को ऊर्जा से भरपूर रखने के लिए हर तीन से पांच साल में हमें अपने शौक को बदलते रहना चाहिए.

उन्होंने कहा प्रतिभागियों को रेस के दौरान कई प्वाइंट्स पर 35 से 3 डिग्री सेल्सियस तापमान सहना पड़ता था. जो काफी कष्टदायक होता है. इसी के साथ अलावा दोनों दिशाओं से आने वाली तेज हवाएं शारीरिक धीरज को चुनौती देती है, जिसे पार करना आसान नहीं होता है.

लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा, 'हम भारतीयों पहाड़ी इलाकों पर साइकिल नहीं चलाते हैं जिसकी वजह से अनुभव नहीं है. क्योंकि हमारे शहर ज्यादातर सपाट होते हैं. ऐसे में चढ़ाई के दौरान हम जल्दी थक जाते हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay