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क्या दोस्ती से ज्यादा 'दोस्ताना' में दिलचस्पी रखता है आपका बेटा या बेटी?

यूं तो बच्चों के बिहेवियर को स्टीरियोटाइप नहीं किया जा सकता लेकिन फिर भी कुछ चीजें ऐसी हैं जिनसे आपको कुछ हद तक आइडिया हो सकता है कि आपका बच्चा समलैंगिक है.

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विशु सेजवालनई दिल्ली, 04 August 2019
क्या दोस्ती से ज्यादा 'दोस्ताना' में दिलचस्पी रखता है आपका बेटा या बेटी? अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा समलैंगिक है तो उस पर किसी तरह का दबाव ना बनाएं.

दुनियाभर में आज फ्रेंडशिप डे सेलिब्रेट किया जा रहा है. दोस्ती को यूं भी किसी भी इंसान के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में शुमार किया जाता है. कहते हैं कि आप अपने मां-बाप को नहीं चुन सकते हैं, लेकिन आप अपने दोस्तों को जरूर चुन सकते हैं. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोस्ती का किसी भी इंसान के जीवन में कितना महत्व है.

हालांकि कई बार ये दोस्ती कुछ ज्यादा ही अंतरंग हो जाती है और ऐसे में पेरेंट्स के लिए ये जानना मुश्किल हो जाता है कि उनका बच्चा दूसरे बच्चों का सिर्फ दोस्त है या फिर वो समलैंगिक है. जब तक आपका बच्चा खुद से आकर ना कहे कि वो गे या लेस्बियन है तब तक आप पूरी तरह से श्योर नहीं हो सकते हैं. इसी वजह से आपको उनका ट्रस्ट जीतने की जरूरत है.

अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा समलैंगिक है तो उस पर किसी तरह का दबाव ना बनाएं. आप भले ही उनके बारे में जानने को लेकर उत्सुक हों लेकिन बच्चों पर ज्यादा दबाव डालने से प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं और हो सकता है कि वे इस बारे में आपसे फिर कभी बात ना करें.

उदाहरण के तौर पर, टीवी पर अगर कोई सॉन्ग या शो समलैंगिक लोगों से जुड़ा हुआ आ रहा है तो आप उस समय समलैंगिकता को लेकर बच्चों के सामने अपने पॉजिटिव विचार रख सकते हैं या फिर ऐसे समलैंगिक सेलेब्स के बारे में बात कर सकते हैं जो काफी फेमस हैं. ये भी प्रयास करें कि समलैंगिकता को लेकर आप एकदम सामान्य नजरिया रखें. इससे बच्चों में ये यकीन पैदा होगा कि आप गे और लेस्बियन रिश्तों को लेकर सेसेंटिव हैं और वे आपसे अपनी बात शेयर करने में कंफर्टेबेल हो सकते हैं.  

यूं तो बच्चों के बिहेवियर को स्टीरियोटाइप नहीं किया जा सकता लेकिन फिर भी कुछ चीजें ऐसी हैं जिनसे आपको कुछ हद तक आइडिया हो सकता है कि आपका बच्चा समलैंगिक हैं.

मसलन, अगर आपके बेटे को आउटडोर स्पोर्ट्स मसलन क्रिकेट, हॉकी में खास रूचि ना हो, उसे लड़कियों के साथ खेलना पसंद हो, अपनी मां के मेकअप किट या गुडिया वाले खेल में दिलचस्पी रखता हो तो संभावना है. इसी तरह अगर आपकी बच्ची आउटडोर गेम्स में रूचि रखती है और क्रॉस ड्रेस बिहेवियर में दिलचस्पी है तो उसके भी समलैंगिक होने की संभावना है. हालांकि ये भी सच है कि ये सिर्फ संभावना है और हो सकता है कि ऐसा सच ना हो. बेहतर यही होगा कि आप अपने बच्चों को हर स्थिति में कंफर्टेबल फील कराएं ताकि वे आपसे अपनी दिल की बात कह सकें.  

सच्चाई यही है कि अगर आप इस बात से खुश नहीं है कि आपका बेटा या बेटी समलैंगिक हैं तो भी आपको इस सच्चाई को अपनाना होगा. बेहतर यही होगा कि आप अपनी फीलिंग्स से इतर, मैच्योरिटी दिखाएं और अगर आप अपने बच्चों की खुशियां चाहते हैं तो उनके फैसलों में साथ दें. हो सकता है कि समाज के चार लोग और आपके रिश्तेदार इस बात को सहज ढंग से ना ले पाएं लेकिन ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने बच्चों को कंफर्टेबल फील कराएं और उनकी फीलिंग्स को सुनें.

एक चीज़ जो आप कर सकते हैं वो है अपने गे या लेस्बियन बच्चे को सही जानकारी उपलब्ध कराना. अब भी समाज समलैंगिक लोगों को लेकर बहुत सहज नहीं है और अगर बच्चों को संभाला ना गया तो चीज़ें असहज करने वाली भी हो सकती है. ऐसे में ये जरूरी है कि आप अपने बच्चे को लेकर संवेदनशील रहें और उन्हें इंटरनेट के दौर में सही जानकारी उपलब्ध कराएं.

समलैंगिक लोगों की सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब समलैंगिक होने के चलते उन्हें अपने दोस्तों या परिवारों को खोने का डर रहता है. हालांकि देश में समलैंगिकता को लेकर कानून और समाज के नजरिए में बदलाव आया है लेकिन अब भी कई बार ये नाकाफी जान पड़ता है. ऐसे में आपको अपने बच्चे का सपोर्ट सिस्टम बनने की जरूरत है. उन्हें एलजीबीटी समुदाय के उन अल्पसंख्यकों के बारे में भी जानकारी दें जो अपने समाज के लिए रोलमॉडल हैं ताकि इन बच्चों को प्रेरणा मिल सके.

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