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प्रेग्नेंट पुरुष ट्रांसजेंडर्स में क्यों होता है डिप्रेशन का खतरा?

28000 ट्रांसजेंडर्स में से करीब 40 प्रतिशत ने औसतन 9 बार आत्महत्या करने का प्रयास किया.

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aajtak.in
सुमित कुमार/ aajtak.in नई दिल्ली, 21 August 2019
प्रेग्नेंट पुरुष ट्रांसजेंडर्स में क्यों होता है डिप्रेशन का खतरा? प्रतिकात्मक तस्वीर

प्रेग्नेंट पुरुष ट्रांसजेंडर्स में मानसिक तनाव की संभावना अधिक होती है. एक शोध में इसका खुलासा हुआ है. यह शोध 'मैच्योरीटस' नाम के जनरल में प्रकाशित हुआ है. इस शोध में उन ट्रांसजेंडर पुरुषों की मानसिक जांच की गई जिन्होंने 35 या इससे ज्यादा की उम्र में गर्भ धारण किया था.

इस शोध के प्रमुख लेखक जस्टिन ब्रैंड्ट ने बताया कि अमेरिका में 1.4 मिलियन ट्रांसजेंडर्स ने अपना ट्रांसिजन कराया है. लेकिन यहां के मेडिकल प्रोवाइडर अभी उन्हें मेडिकल असिस्टेंस देने में अक्षम हैं या तैयार नहीं हैं.'

शोध के अनुसार 28,000 ट्रांसजेंडर्स में से करीब 40 प्रतिशत ने औसतन 9 बार आत्महत्या करने का प्रयास किया. इनमें खुदकुशी करने के मामले में वृद्धि उस वक्त देखी गई जब कोई पुरुष ट्रांसजेंडर प्रेग्नेंट हुआ.

शोध में पाया गया कि एक ट्रांसजेंडर प्रेग्नेंसी की हालत में खुद को स्त्री के शरीर में कैद जैसा महसूस करता है. इस परिस्थिति में वह ट्रासिंजन कराते हैं. यदि ट्रांसजेंडर पुरुष का शरीर स्त्री का है और वो प्रेग्नेंट हो जाता है तो संभावना है कि उसे पूरी जिंदगी स्त्री के शरीर में काटनी पड़े.

pic credit: theuptownstudio

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