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गर्भवती महिला का स्वाइन फ्लू से कैसे करें बचाव?

किसी भी वयस्क की तुलना में गर्भवती महिलाओं के स्वाइन फ्लू के चपेटे में आने की बहुत संभावना होती है. अगर गर्भवती महिला को स्वाइन फ्लू हो जाता है तो यह अनेक गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है.

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aajtak.in
आज तक वेब ब्यूरोनई दिल्ली, 27 November 2014
गर्भवती महिला का स्वाइन फ्लू से कैसे करें बचाव? स्वाइन फ्लू

किसी भी वयस्क की तुलना में गर्भवती महिलाओं के स्वाइन फ्लू के चपेटे में आने की बहुत संभावना होती है. अगर गर्भवती महिला को स्वाइन फ्लू हो जाता है तो यह अनेक गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है.

• स्वाइन फ्लू संक्रमित गर्भवती महिला को न्यूमोनिया व गर्भपात की समस्या का सामना कर पड़ सकता है यहां तक की इससे उसकी अकाल मृत्यु भी हो सकती है.

• एच-1 एन-1 फ्लू का संक्रमण गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी गंभीर समस्या बन सकता है.

• स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए इसका टीका जरूर लगवायें क्योंकि टीका लगाना इस संक्रमण से बचाव के सबसे बेहतर रास्ता है. इतना ही नहीं यह आपके अजन्मे बच्चे की देखभाल के लिए भी जरूरी है क्योंकि 6 महीन से कम उम्र के बच्चों को स्वाइन फ्लू का टीका नहीं दिया जा सकता. इसके अलावा आप सामान्य फ्लू का टीका भी जरूर लें. क्योंकि फ्लू से बचने के लिए ये दोनों ही टीकों की जरूरत होती है. गर्भवती महिलाओं में स्वाइन फ्लू का टीका सुरक्षित है अतः आप इसे बिना चिकित्सकीय परामर्श के भी ले सकती हैं.

• यदि आपमें स्वाइन फ्लू के लक्षण (बुखार, कफ, ठण्ड, या उल्टी) दिखते हैं तो अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें.

आपके और आपके परिवार को स्वाइन फ्लू से बचने के लिए इन बातों पर नियमित अमल करना होगाः

• आपको अपने हाथों को बार बार साबुन से (लगभग 20 सेकेंड) धोएं. यह कई तरह के संक्रमण से बचने का बेहतरीन तरीका है. इसके अलावा आप हैंड सेनिटाइजर का भी उपयोग कर सकते हैं.

• खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए रूमाल या टिश्यू पेपर का उपयोग करें. इस्तेमाल के तुरंत बाद टिश्यू पेपर को कचरे के डिब्बे में फेंक दें.

• किसी भी प्रकार के संक्रमण (फ्लू) के रोगी से 6 फीट की दूरी बना कर रखें.

• कंप्यूटर के कीबोर्ड, रिमोट कंट्रोल, दरवाजों के हैंडल जैसी आम उपयोग की चीजों के बाहरी भाग की नियमित सफाई करें.

• अपने घर के सभी सदस्यों को इस रोग से बचने की जानकारी दें और रोजमर्रा के जीवन में सफाई का बहुत ख्याल रखें.

• यदि आपको बुखार होता है तो यह जांचें कि कहीं आपको स्वाइन के लक्षण तो नहीं हैं. ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखायें.

• अगर आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं तो इसे घर के बाकी सदस्यों तक पहुंचने से रोकने के लिए बुखार के ठीक होने के बाद भी 24 घंटे के लिए घर पर ही रहें.

• स्वाइन फ्लू के रोगी की देखभाल करने के लिए उसे अलग कमरे में शिफ्ट कर दें.

• यदि संभव हो तो परिवार के बाहर के व्यक्ति को स्वाइन फ्लू के रोगी की देखभाल के लिए रखें.

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