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साबुन या सैनिटाइजर, जानें कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या है बेहतर

भारत में भी कोरोना वायरस के 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इस जानलेवा वायरस के फैलने के बाद शुरुआत से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 22 March 2020
साबुन या सैनिटाइजर, जानें कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या है बेहतर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए साबुन या सैनिटाइजर में से क्या ज्यादा बेहतर है?

चीन के वुहान शहर में पैदा हुआ कोरोन वायरस भारत में अब तक 100 से भी ज्यादा देशों को अपना शिकार बना चुका है. इस जानलेवा वायरस के फैलने के बाद शुरुआत से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है. हालांकि एक नई बहस इस पर भी शुरू हो चुकी है कि वायरस से लड़ने के लिए साबुन या सैनिटाइजर में से क्या ज्यादा बेहतर है.

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन ने कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन को ज्यादा बेहतर विकल्प बताया है. साबुन वायरस में मौजूद लिपिड का आसानी से खात्मा कर सकता है. दरअसल साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है. साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं.

करीब 20 सेकंड तक हाथ धोने से वो चिपचिपा पदार्थ नष्ट हो जाता है जो वायरस को एकसाथ जोड़कर रखने का काम करता है. आपने कई बार महसूस किया होगा कि साबुन से हाथ धोने के बाद स्किन थोड़ी ड्राइ हो जाती है और उसमें कुछ झुर्रियां पड़ने लगती हैं. दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर कीटाणुओं को मारता है.

अब बात करते हैं कि सैनिटाइजर क्यों साबुन जितना प्रभावशाली नहीं है. जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक जेल, लिक्विड या क्रीम के रूप में मौजूद सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना बेहतर नहीं है. कोरोना वायरस का सामना सिर्फ वही सैनिटाइजर कर सकेगा जिसमें एल्कोहल की मात्रा अधिक होगी. सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाला साबुन इसके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है.

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