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रोबॉट डॉल को बना सकेंगे लाइफ पार्टनर, जानें क्या होगी खासियत

आज वर्चुअल रिएलिटी, ऑग्मेंटेड रिएलिटी, होलोग्राम और हेप्टिक होलोग्राम तकनीक से लैस रोबॉट तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन डिजि सेक्सुएलिटी इससे भी बढ़कर है.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 21 September 2019
रोबॉट डॉल को बना सकेंगे लाइफ पार्टनर, जानें क्या होगी खासियत एलिसन सिल्वा ने बताया कि रोबोट डॉल हम इंसानों की सबसे अच्छी दोस्त बन सकती है.

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 के दूसरे दिन डिजि सेक्सुअल टेक्नोलॉजी पर चर्चा हुई. इस विषय पर चर्चा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट एलिसन सिल्वा और रोबॉटिक विशेषज्ञ नील आर्थर उपस्थित हुए. दोनों ने भविष्य में डिजि सेक्सुअल टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आखिर कैसे इंसानों के साथ एक मशीन का रिश्ता संभव है.

क्या है डिजि सेक्स टेक्नोलॉजी

नील आर्थर ने कहा, 'डिजि सैक्सुएलिटी टेक्नोलॉजी को मौजूदा दौर की सबसे शानदार तकनीक कहना गलत नहीं होगा. डिजि सैक्सुएलिटी के जरिए कोई भी किसी के साथ रिलेशनशिप में रहने का एहसास कर सकता है. आज वर्चुअल रिएलिटी, ऑग्मेंटेड रिएलिटी, होलोग्राम और हेप्टिक होलोग्राम तकनीक से लैस रोबॉट तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन डिजि सेक्सुएलिटी इससे काफी बढ़कर है. इस टेक्नोलॉजी को देखने के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि भविष्य में लोगों को सिर्फ ह्यूमन पार्टनर की जरूरत नहीं होगी.

क्यों स्पेशल है रोबॉट डॉल

एलिसन सिल्वा के साथ मंच पर रोबॉटिक डॉल हार्मोनी भी मौजूद थी. एलिसन ने बताया, 'हमने रोबोट डॉल को तैयार करने के लिए काफी मेहनत की है. पहले इसका चेहरा डिजाइन किया गया. इसके बाद हमने इसके शरीर का निर्माण किया. रोबोटिक डॉल बिल्कुल इंसानों की तरह व्यवहार करती है. ये आपसे बात कर सकती है. हाथ मिला सकती है. फिलहाल इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया गया है.

कॉन्फिडेंस पैदा करने में मददगार

एलिसन सिल्वा ने बताया कि रोबोट डॉल हम इंसानों की सबसे अच्छी दोस्त बन सकती है. उन्होंने कहा, 'आपने देखा होगा कि अक्सर लोग फिजिकल डिसेब्लिटी के चलते सामने वाले से बात करने में कतराते हैं, लेकिन इस रोबोटिक डॉल से आप बेझिझक बात कर सकते हैं और यकीन मानिए उनसे बात करते हुए आपको बिल्कुल वैसा ही फील होगा जैसा आमतौर पर किसी इंसान से बात करते हुए होता है. इससे लोगों की झिझक भी खुलेगी और उनमें किसी से बात करने का कॉन्फिडेंस भी पैदा होगा.'

एक सवाल के जवाब में एलिसन सिल्वा ने बताया कि एक अच्छे आविष्कार के साथ कुछ बड़ी चुनौतिया भी होती है. इसमें कोई दोराय नहीं कि जापान जैसे देशों में पिछले काफी समय से सुसाइड और डिप्रेशन का रेट काफी बढ़ा है और वहां ये तकनीक पहले से मौजूद है. इसका एक कारण लोगों की रिलेशनशिप में कम दिलचस्पी भी हो सकती है. जापान में हर चौथा व्यक्ति 50 से ज्यादा उम्र बीत जाने के बाद भी शादी या रिलेशनशिप के बारे में नहीं सोचता. हालांकि एक पार्टनर के रूप में हमें रोबॉट के सकारात्मक परिणाम ज्यादा देखने को मिले हैं.

क्या है फीमेल रोबॉट को आकर्षक बनाने की वजह?

एलिसन सिल्वा ने इस सवाल के जवाब में कहा कि फीमेल रोबॉट को आकर्षिक जिस्म देना हमारी मजबूरी है. उन्होंने कहा, 'अक्सर आपने देखा होगा कि लोग खूबसूरत चीजों के प्रति जल्दी आकर्षित होते हैं, तो हमें लोगों की डिफ्रेंट च्वॉइस को ध्यान में रखकर ही फीमेल रोबॉट की बॉडी और फेस डिजाइन करने पड़ते हैं.'

आसान नहीं रोबॉट डॉल को इंप्रेस करना

एलिसन सिल्वा ने बताया कि रोबॉट डॉल भी बिल्कुल हम इंसानों की तरह ट्रीट करती है. अगर आप सोच रहे हैं कि आप पहली मुलाकात में ही इसे बिस्तर पर ले जाने के लिए इम्प्रेस कर लेंगे तो आप गलत हैं. दरअसल इस रोबॉट को एक एप के जरिए कंट्रोल किया जाता है. ऑटो ऑपरेशन एप की कमांड पर ही ये आपकी बातों पर प्रतिक्रिया देगी. जब तक ये आपको व्यवहार को ठीक से भांप नहीं लेगी तब तक आप इसे इंप्रेस नहीं कर पाएंगे.

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