एडवांस्ड सर्च

धान रोपती औरतें, गाती हैं गीत

धान रोपती औरतें, गाती हैं गीत, और सिहर उठता है खेत, पहले प्यार की तरह...

Advertisement
aajtak.in
क्षमा सिंहनई दिल्ली, 26 December 2014
धान रोपती औरतें, गाती हैं गीत Symbolic Image

धान रोपती औरतें
गाती हैं गीत
और सिहर उठता है खेत
पहले प्यार की तरह

धान रोपती औरतों के
पद थाप पर
झूमता है खेत ..
और सिमट जाता है
बांहों में उनकी ..

रोपनी के गीतों में बसता है जीवन
जितने सधे हाथों से रोपती हैं धान
उतने ही सधे हाथों से बनाती हैं रोटियां

मिट्टी का मोल जानती हैं
धान रोपती औरतें
खेत से चूल्हे तक
चूल्हे से देह तक..

क्षमा सिंह
शोध छात्रा -हिन्दी विभाग
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay