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फिर से मोदी मैजिक: जानें, BJP के मिशन 300 प्लस में क्या रहा उत्तर भारत का रोल?

नरेंद्र मोदी को एक बार फिर सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में उत्तर भारत का अहम रोल रहा. हिमाचल-उत्तराखंड की वादियों से लेकर उत्तर प्रदेश के मैदान तक, बिहार की पूर्वी हवा से लेकर राजस्थान की मिट्टी तक. हर जगह भगवा-भगवा हो गया. इन्हीं राज्यों के दम पर नरेंद्र मोदी का 300+ मिशन पूरा हो गया.

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aajtak.in
मोहित ग्रोवर नई दिल्ली, 23 May 2019
फिर से मोदी मैजिक: जानें, BJP के मिशन 300 प्लस में क्या रहा उत्तर भारत का रोल? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एक बार फिर एनडीए की सरकार प्रचंड बहुमत के साथ बनने को तैयार है. दोपहर 3 बजे तक सामने आए रुझानों में एनडीए 350 का आंकड़ा छू चुका है. नरेंद्र मोदी को एक बार फिर सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में उत्तर भारत का अहम रोल रहा. हिमाचल-उत्तराखंड की वादियों से लेकर उत्तर प्रदेश के मैदान तक, बिहार की पूर्वी हवा से लेकर राजस्थान की मिट्टी तक. हर जगह भगवा-भगवा हो गया. इन्हीं राज्यों के दम पर नरेंद्र मोदी का 300+ मिशन पूरा हो गया. उत्तर भारत की करीब 200 सीटों में से बीजेपी और उनके साथियों के खाते में 170 सीटें गईं.

यूपी में गठबंधन फेल, मोदी की सुनामी में बन गई रेल

सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में पिछली बार बीजेपी ने 71+ सीटें लाकर इतिहास रचा था. अमित शाह का दावा था कि इस बार पार्टी 74+ जाएगी, लेकिन सामने सपा-बसपा का गठबंधन था. अब जब रुझान सामने हैं तो बीजेपी यूपी में 59 सीटें + एक अपना दल यानी 60 सीटें लाने में कामयाब रही हैं.

तो वहीं सपा-बसपा का गठबंधन मिलकर भी 20 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया और 18 पर सिमट गया. यहां मोदी नाम की आंधी ऐसी चली कि अमेठी में राहुल गांधी की सीट भी खतरे में दिख रही है.

काम आई पहाड़ों की जवानी

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्र यानी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मोदी नाम का जादू चला. हिमाचल प्रदेश की चारों सीटें बीजेपी के खाते में जाती दिख रही हैं, यहां करीब 70 फीसदी वोट बीजेपी के पास गया. तो वहीं उत्तराखंड की 5 सीटों पर भी बीजेपी की जीत हुई है. यानी दोनों राज्यों की 9 सीटों पर भगवा परचम लहराया है.  

दिल्ली के दिल में मोदी!

‘सातों सीटें मोदी को’ इसी नारे के दम पर बीजेपी ने दिल्ली में हुंकार भरी. कांग्रेस-आप का गठबंधन नहीं हुआ और इसी का फायदा बीजेपी को मिला. दिल्ली में बीजेपी ने इस बार गौतम गंभीर, हंसराज हंस, मनोज तिवारी जैसे दिग्गजों को उतारा था. दिल्ली में 56 फीसदी वोट बीजेपी के खाते में गया है.

राजस्थान-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़

उत्तर भारत के जिन तीन राज्यों में कांग्रेस को करिश्मे का इंतजार था, वहां पर उसके साथ खेल हो गया. राजस्थान की सभी 25 सीटें बीजेपी गठबंधन को, मध्य प्रदेश में 29 में से 28 और छत्तीसगढ़ में 11 में 8 सीटें मिली हैं. चुनाव से पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस के हौसले बुलंद थे, लेकिन कांग्रेस का जादू यहां नहीं चल सका.

बिहार में बहार है!

जिस बिहार में पांच पार्टियां मिलकर बीजेपी-जेडीयू-लोजपा को रोकने में लगी थीं, वहां पर उनका पूरा सफाया हो गया. राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन में 38 सीटें अपने नाम की हैं, जबकि महागठबंधन सिर्फ 2 सीटों पर ही सिमट कर रह गया. राजद लगातार जातिगत समीकरण को साध रही थी, लेकिन मोदी मैजिक के सामने सबकुछ फेल दिखा.

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