एडवांस्ड सर्च

मां ही नहीं पिता के डिप्रेशन से भी प्रभावित होते हैं बच्चे

अब तक ऐसा माना जाता रहा है कि गर्भकाल के दौरान अगर मां डिप्रेशन में हो तो बच्चे पर गलत असर पड़ता है पर एक अध्ययन के अनुसार पिता के अवसाद से ग्रसित होने का भी बच्चे के स्वास्थ्य पर असर पड़ता हैं.

Advertisement
aajtak.in
भूमिका राय/ IANS नई दिल्ली, 21 January 2016
मां ही नहीं पिता के डिप्रेशन से भी प्रभावित होते हैं बच्चे पिता के अवसाद से प्रभावित होता है बच्चे का जन्म

आपने ये तो सुना होगा कि गर्भावस्था में अगर महिला डिप्रेशन या किसी प्रकार की चिंता में हो तो होने वाले बच्चे पर बुरा असर पड़ता है. पर हाल ही में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, गर्भकाल के दौरान अगर पिता अवसादग्रस्त हो तो भी बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.

अध्ययन में पाया गया है कि पिता के अवसाद के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे का जन्म कई बार समय से पहले हो जाता है. यानी पिता के अवसादग्रस्त रहने से भी समय पूर्व प्रसव का जोखिम बना रहता है.

स्वीडन के 'सेंटर फॉर हेल्थ इक्विटी स्टडीज' की डॉक्टर एंडर्स जर्न के मुताबिक, हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि अवसाद से पीड़ित माता-पिता दोनों ही संतान के अपरिपक्व जन्म के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. ऐसे में गर्भकाल के दौरान माता-पिता दोनों के ही मानसिक स्वास्थ्य की जांच की जानी चाहिए.

डॉक्टर एंडर्स के अनुसार, साथी का अवसाद गर्भवती महिला के लिए अवसादग्रस्त होने की सबसे बड़ी वजह होती है, जिसकी वजह से संतान के निश्च‍ित समय से पहले जन्म लेने का खतरा बढ़ जाता है.

पिता के अवसादग्रस्त रहने से शुक्राणु की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. इस अध्ययन के नतीजे पत्रिका 'बीजेओजी' में प्रकाशित किए गए हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay