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प्रेग्नेंसी में डायबिटीज बच्चों के लिए भी है खतरनाक, पड़ता है ऐसा असर

एक नई स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान गेस्टेशनल डायबिटीज होती है, उनके बच्चों में भी बड़े होकर डायबिटीज होने का खतरा दूसरे लोगों के मुकाबले अधिक होता है.

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aajtak.in [Edited by: नेहा]नई दिल्ली, 16 April 2019
प्रेग्नेंसी में डायबिटीज बच्चों के लिए भी है खतरनाक, पड़ता है ऐसा असर प्रतीकात्मक फोटो

प्रेग्नेंसी का समय महिलाओं के लिए सबसे खास होने के साथ बेहद जटिल भी होता है. प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को खास ख्याल की जरूरत होती है. क्योंकि मां की सेहत का असर सीधा गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है. एक नई स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रेग्नेंसी के समय डायबिटीज होने से बच्चों में भी इस बीमारी का खतरा रहता है. आइए जानते हैं क्या कहती है स्टडी की रिपोर्ट...

स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन बच्चों की मां को प्रेग्नेंसी के समय गेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational Diabetes)  होती है, उन बच्चों को 22 की उम्र से पहले डायबिटीज होने का खतरा दूसरे लोगों के मुकाबले अधिक होता है.

यह स्टडी कनाडा की मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित की गई है. इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने करीब 73,180 महिलाओं को शामिल किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, डायबिटीज होने का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा 12 से 22 की उम्र के बीच होता है.

कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के कबेरी दास गुप्ता ने बताया, अभी तक माता-पिता में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज को बच्चों के लिए खतरनाक समझा जाता था. लेकिन नई स्टडी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेग्नेंसी में महिलाओं में गैस्ट्रिक डायबिटीज होने के कारण उनके बच्चों को भी 22 की उम्र से पहले इस घातक बीमारी का खतरा रहता है.  

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, सही समय पर डायबिटीज का इलाज कर के इस समस्या से राहत पाई जा सकती है. इसके लिए सही डाइट, एक्सरसाइज, दवाइयों का पालन करना बहुत जरूरी है.

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