एडवांस्ड सर्च

छोटे बच्चों को शहद देने से पहले जान लें ये खतरा

इसमें कोई दो राय नहीं कि शहद न्यूट्रिशन से लैस एक हेल्दी फूड है. लेकिन क्या वाकई छोटे बच्चों को इसे देना सही है?

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 10 December 2019
छोटे बच्चों को शहद देने से पहले जान लें ये खतरा प्रतीकात्मक तस्वीर

बच्चों के शारीरिक विकास और तंदुरुस्ती के लिए पैरेंट्स बच्चों को न्यूट्रिशन और विटामिन से भरपूर चीजें खाने में देते हैं. छोटे बच्चो के मामले में तो खाने-पीने की चीजों में और भी ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है. कई लोग तो छोटे बच्चों को खाने में शहद भी देते हैं.

इसमें कोई दो राय नहीं कि शहद न्यूट्रिशन से लैस एक हेल्दी फूड है. लेकिन क्या वाकई छोटे बच्चों को इसे देना सही है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे बच्चों को शहद खिलाना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने के बराबर है.

गोल्डन लिक्विड कहे जाने वाले शहद में दरअसल क्लोस्टिडयम बोटुलिनम नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है. बच्चों के शरीर में शहद के साथ इस बैक्टीरिया का दाखिल होना काफी खतरनाक है. इस बैक्टीरिया की वजह से बच्चे को फूड प्वॉइजनिंग भी हो सकता है.

शहद खाने के 8 से 36 घंटे के बाद बच्चे के शरीर में आप इसका असर देख पाएंगे. इतना ही नहीं शहद या शुगर की वजह से बच्चे को दांत निकालने में भी काफी दिक्कत होती है. डॉक्टर्स 12 महीने बाद ही बच्चे को शहद देना सही मानते हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay