एडवांस्ड सर्च

सोशल मीडिया के चलते बच्चे खा रहे ज्यादा जंक फूड-स्टडी

ये किसी ने नहीं सोचा होगा कि सोशल मीडिया के चलते बच्चे ज्यादा जंक फूड खा रहे होंगे. लेकिन एक नई स्टडी ने कुछ ऐसे चौकाने वाले तर्क रखे जिन्हे समझना हमारे लिए बहुत जरूरी है.

Advertisement
aajtak.in [Edited By:सुधांशु माहेश्वरी]नई दिल्ली, 18 March 2019
सोशल मीडिया के चलते बच्चे खा रहे ज्यादा जंक फूड-स्टडी प्रतीकात्मक तस्वीर

आज के टाइम में बच्चों का जंक फूड की तरफ बढ़ता रुझान चिंता का विषय है. जंक फूड सिर्फ आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है बल्कि आपका मानसिक स्वास्थ भी प्रभावित होता है. अब जिस जंक फूड से बच्चों को परहेज करना चाहिए, इस सोशल मीडिया की दुनिया में उन चीजों का खूब विज्ञापन होता है. एक नई स्टडी में ये दावा किया गया है कि जो बच्चे अपना ज्यादा समय सोशल मीडिया पर व्यतीत करते हैं, वे सबसे ज्यादा जंक फूड खाते हैं.

पेडियाट्रिक्स में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक टीवी और सोशल मीडिया पर हो रहे जंक फूड के प्रचार और विज्ञापन के चलते बड़ी सख्या में बच्चों का रुझान जंक फूड की तरफ बढ़ रहा है. स्टडी में इस बात पर भी जोर दिया गया है फूड व्लॉग के बढ़ते चलन के चलते बच्चे अब यूट्यूब और दूसरे प्लेटर्फाम पर इन वीडियों को देखते हैं.

ऑफकाम की रिपोर्ट के अनुसार 8 से 11 साल के उम्र के बच्चों में 93 प्रतिशत ऑनलाइन जाते हैं, 77 प्रतिशत यूट्यूब प्रयोग करते हैं और 18 प्रतिशत का सोशल मीडिया पर अकाउंट है. वहीं 12 से 15 साल के उम्र के बच्चों में  99 प्रतिशत ऑनलाइन जाते हैं, 89 प्रतिशत का यूट्यूब प्रयोग करते हैं और 69 प्रतिशत का सोशल मीडिया पर अकाउंट है.

इसी रिपोर्ट को आधार मानकर न्यू यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल रिसर्च ने एक स्टडी की है. उस स्टडी में 176 बच्चों ने भाग लिया है. बता दें, इन 176 बच्चों को तीन ग्रुप में बांट दिया गया. एक गुप्र को इंस्टाग्राम का वो व्लॉग दिखाया गया जो जंक फूड को प्रमोट कर रहा था. वहीं दूसरे गुप्र को इंस्टाग्राम का वो व्लॉग दिखाया गया जिसमें हेल्दी फूड को प्रमोट किया गया. बता दें, तीसरे ग्रुप को खाने के अलावा कोई दूसरी तस्वीरें दिखाई गई.

स्टडी का रिजल्ट चौंकाने वाला है. जिन बच्चों को इंस्टाग्राम पर जंक फूड की तस्वीर दिखाई उन्होंने 32 प्रतिशत कैलोरी जंक फूड के रूप में ली और पूरे दिन में उनकी कैलोरी इनटेक में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वहीं जिन बच्चों को हेल्दी खाने की तस्वीरें दिखाई गई ,उनकी कैलोरी इनटेक और पहले गुप्र की कैलोरी इनटेक में ज्यादा अंतर नहीं है. 

स्टडी का हिस्सा रहीं ऐना कोट्स कहती हैं ' हमारी स्टडी से ये साफ हो गया है कि सोशल मीडिया और दूसरे व्लॉग के चलते बच्चों का रुझान जंक फूड की तरफ बढ़ रहा है. वहीं दूसरी तरफ जिन हेल्दी चीजों का विज्ञापन किया जा रहा है, उसका बच्चों पर कोई असर नहीं हो रहा है.'

वैसे आज कल इंटरनेट पर कोई भी कुछ भी डाल सकता है. अभी तक ऐसी कोई बॉडी नहीं बनी जो इस चीज पर नजर रखे. इसी मुद्दे पर चिंता जताते हुए ऐना कोट्स कहती हैं 'आज के टाइम में बच्चे फिल्म सितारों से कम और व्लॉगरों से ज्यादा प्रभावित है. इसी को देखते हुए डिजिटल प्लेटर्फाम पर सख्त नियम की आवश्यकता है जिससे ये व्लॉगर बच्चों को जंक फूड खाने के लिए प्रोत्साहित ना कर सके.

पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement
पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay