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रिटायरमेंट प्लानिंग में इन 5 गलतियों को करने से बचें

आइए जानते हैं उन 5 गलतियों के बारे में जो अक्सर लोग रिटायरमेंट प्लानिंग के दौरान करते हैं जिसे करने से आपको बचना चाहिए...

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aajtak.in [Edited By: स्वाति गुप्ता]नई दिल्ली, 20 April 2016
रिटायरमेंट प्लानिंग में इन 5 गलतियों को करने से बचें भूलकर भी न करें ये गलतियां

नौकरी के बाद अपने रिटायरमेंट को बेहतर बनाने का सबसे अच्छा तरीका है, आज ही से सोचना शुरू कर दें कि आप रिटायरमेंट के बाद कैसा जीवन गुजारना चाहते हैं और उसी के हिसाब से कुछ फैसले अभी से ही लेना शुरू कर दें. एक सर्वे के मुताबिक 80 फीसदी लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग नहीं कर पाते हैं.

जो लोग प्लानिंग करते भी हैं वे कुछ सामान्य गलतियां कर देते हैं जिसका खामियाजा रिटायरमेंट के दौरान भुगतना पड़ता है, तो आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में जो अक्सर लोग करते है जिसे प्लानिंग के दौरान आपको ध्यान में रखना चाहिए.

1. अपने खर्चों का सही अंदाजा नहीं लगा पाना
सबसे जरूरी है इस बात का अनुमान लगाना कि रिटायरमेंट के बाद आपका खर्च कितना होगा. यानी अपनी जरूरतों का सही अनुमान लगाना बहुत जरूरी है अगर आंकलन सही नहीं किया गया तो आपका रिटायरमेंट फंड कम पड़ सकता है. इसलिए अंदाजे से काम चलाने के बजाय आप अपने पिछले कुछ महीनों के खर्चों की लिस्ट तैयार करें और एक एवरेज निकालकर फंड की राशि तैयार करें.

2. रुपये की घटती वैल्यू का ध्यान रखना
 हम सभी महंगाई से जूझ रहे हैं, इसके बावजूद रिटायरमेंट की प्लानिंग करते वक्त इसे भूल जाते हैं. नतीजा यह होता है कि महंगाई के प्रभाव के चलते आने वाले समय में आपका फंड कम पड़ जाता है. एक सिंपल सा फंडा है आज रुपये की जो वैल्यू है वो जीवनभर नहीं रहेगी यानी आज जो चीज आप 10 रुपये में खरीद पा रहे हैं 20 साल बाद उसकी कीमत दो से ढाई गुनी बढ़ जाएगी.

3. रिटायरमेंट फंड से पैसे निकालते रहना
अक्सर लोग ये सोचते है कि रिटायरमेंट बहुत दूर है ऐसे में जब भी जरूरत पड़ती है लोग इसी फंड में से पैसे निकाल लेते है. बच्चों की शादी, एडमिशन आदि के लिए तो फंड से पैसे निकालना ठीक भी है, लेकिन दिक्कत तो तब होती है जब लोग लक्जरी चीजों के लिए जैसे कार खरीदना, विदेश यात्रा आदि के लिए इसका इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. इसलिए रिटायरमेंट फंड को हाथ लगाने से पहले यह जरूर सोच लें कि यह पैसा उस समय के लिए है जब आपके पास कमाई का कोई साधन नहीं होगा.

4. एक अलग मेडिकल फंड न रखना
रिटायरमेंट फंड में मेडिकल खर्चों के लिए अलग से कुछ व्यवस्था करनी जरूरी है क्योंकि बुढ़ापे में लोग ज्यादा बीमार पड़ते है. साथ ही अक्सर कई तरह की स्वास्थ संबंधी दिक्कतों से जूझते है. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग के वक्त ही इस बारे में सोच लेना चाहिए.

5. पहले चुका दें लोन
एक बात जो आपको हमेशा ध्यान रखनी चाहिए वो यह कि रिटायरमेंट से पहले ज्यादा से ज्यादा कर्ज चुका दें. क्योंकि रिटायरमेंट के बाद आपकी कमाई का जरिया खत्म हो जाता है और जिंदगी केवल उन्हीं पैसों के दम पर चलानी होती है जो आपने जमा किए हैं. इसलिए फंड में से लोन न चुकाना पड़े इस बात का ध्यान जरूर रखें.

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