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अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना माना जाता है शुभ

अक्षय तृतीया को साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है. इस खास दिन को लेकर कई पौराणिक कथाएं मशहूर है. अक्षय तृतीया को सोना खरीदना, जमीन खरीदना, गृह प्रवेश, नया व्यापार करना, तीर्थयात्रा बहुत ही शुभ माना है.

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स्मिता ओझा [Edited by: प्रज्ञा बाजपेयी]नई दिल्ली, 17 April 2018
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना माना जाता है शुभ अक्षय तृतीया 2018 (Akshay Tritiya 2018)

अक्षय तृतीया को साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है. इस खास दिन को लेकर कई पौराणिक कथाएं मशहूर है. भविष्य पुराण के अनुसार, त्रेता युग का आरंभ इसी दिन हुआ था. सूर्य सिद्धांत ग्रंथ में ऐसा वर्णन है कि कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण में मेष राशि में सूर्य के होने पर सतयुग का प्रारंभ हुआ था. कुछ कथाओं के अनुसार इसी दिन बद्रीनाथ धाम में नर नारायण का अवतार हुआ था और कुछ में इस बात का उल्लेख है कि इसी दिन महाभारत को लिखने की शुरुआत की गई थी. इस दिन को परशुराम जयंती के रूप में मनाया जाता है.

अक्षय तृतीया को गंगा स्नान करना पुण्यकारी माना गया है. जिसके कुंडली में पितृ दोष है, वे पितरों का पिंडदान, तर्पण कर सकते हैं. अक्षय तृतीया को सोना खरीदना, जमीन खरीदना, गृह प्रवेश, नया व्यापार करना, तीर्थयात्रा बहुत ही शुभ माना गया है.

अक्षय तृतीया पर खास संयोग, जानें किस समय पर करें खरीददारी

खन्ना जेम्स के मालिक और जेमोलॉजिस्ट पंकज खन्ना की अगर मानें तो "इस दिन सोना खरीदने का चलन बेहद पुराना है,  ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना घर में सुख समृद्धि और खूब सारा धन लेकर आएगा. यही कारण है कि इस दिन लोग बड़ी संख्या में सोने के आभूषण खरीदते है". इस साल अक्षय तृतीया 18 अप्रैल यानी बुधवार के दिन पड़ रहा है. स्थिति का प्रारंभ मंगलवार यानी 17 अप्रैल की रात्रि 3:45 से शुरू होगा और 18 अप्रैल यानि बुधवार रात्रि 1:45 पर समाप्त होगा.

पूजन विधि: अक्षय तृतीया के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करने के बाद भगवान विष्णु का पूजन करें. लक्ष्मी नारायण की पूजा सफेद कमल अथवा सफेद गुलाब या पीले गुलाब से करना चाहिये. नैवेद्य में जौ या गेहूं का सत्तू, ककड़ी और चने की दाल अर्पित की जाती है. इसके बाद फल, फूल, बर्त तथा वस्त्र आदि ब्राह्मणों को दान के रूप में दिये जाते हैं. इस दिन ब्राह्मण को भोजन करवाएं.

करोल बाग के बड़े जेवेलर में से एक पीपी ज्वेलर्स के मालिक पीयूष गुप्ता की अगर मानें तो सोने की खरीदारी में पिछले कुछ महीनों में हुए घटनाक्रमों के चलते रुझान और विश्वास घटा है. इसी विश्वास को बनाए रखने के लिए पीपी ज्वेलर्स देश का पहला ऐसा ब्रांड बना है जिसने एमएमटीसी से जुड़कर लोगों को तक सही सोना पहुंचाने की कोशिश की है." लोगों मे विश्वास थोड़ा कम जरूर हुआ है पर हम ऐसा मानते है कि ये मंदी कल खत्म हो जाएगी, लोग अभी से ही उत्साहित होकर रेट्स पूछने, विंडो शॉपिंग करने पहुंच रहे हैं और हम यही उम्मीद कर रहे हैं कि कल ये संख्या दोगुनी हो कर ग्राहकों में तब्दील हो जाए".

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