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World Hepatitis Day 2018: क्यों होता है हेपेटाइटिस, ऐसे लगाएं पता

आइए जानते हैं हेपेटाइटिस की बीमारी क्यों होती है और इसका कैसे पता लगाया जा सकता है...
World Hepatitis Day 2018: क्यों होता है हेपेटाइटिस, ऐसे लगाएं पता प्रतीकात्मक फोटो
aajtak.in [Edited by: नेहा फरहीन]नई दिल्ली, 28 July 2018

हर साल 28 जुलाई का दिन दुनियाभर में वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे के रूप में मनाया जाता है. वहीं आकड़ों की माने तो देश में करीब 5 करोड़ लोग क्रोनिक हेपेटाइटिस से पीड़ित है.

बता दें, वायरल संक्रमण की वजह से लीवर में सूजन (इंफ्लामेशन) को हेपेटाइटिस कहा जाता है. हेपेटाइटिस के लक्षण अन्य बीमारियों से काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए डायग्नोस्टिक टेस्ट के बिना इसकी पहचान करना असंभव है.

बता दें, भारत उन 11 देशों की सूची में चौथे स्थान पर है, जहां दुनिया भर के क्रोनिक हेपेटाइटिस के लगभग 50 प्रतिशत मरीज हैं. इस बीमारी की पहचान नहीं होने का मुख्य कारण नियमित जांच और निदान की कमी है. दुनियाभर में मौजूदा समय में करीब 40 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी वायरस से पीड़ित हैं और यह लीवर फेलियर और कैंसर का मुख्य कारण है.

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वहीं हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि लीवर का कार्य प्रोटीन, एंजाइम और अन्य पदार्थों का उत्पादन करके पाचन में मदद करता है. शरीर से जहरीले पदार्थो को बाहर निकालता है और भोजन से ऊर्जा उत्पन्न करता है. घटकों के उत्पादन में किसी भी प्रकार की असामान्यता इस बीमारी के होने का गंभीर संकेत है. लीवर के ठीक से कार्य नहीं करने का संदेह होने पर, लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) किया जा सकता है, जिसमें विश्लेषण के लिए रक्त की जांच की जाती है.

हेपेटाइटिस का कैसे पता लगाएं-

रोग की गंभीरता, टाइप और व्यक्ति, हेपेटाइटिस के किस स्ट्रेन से पीड़ित है, इसका पता लगाने के लिए लीवर की पूरी तरह से जांच करने के लिए वायरल सेरोलॉजी के तहत कई प्रकार के रक्त परीक्षण किए जाते हैं. रक्त की जांच आक्रमण करने वाले वायरस के विशिष्ट मार्करों और इसकी एंटीबॉडी के लिए की जाती है, जो उनसे लड़ता है. इस तरह के परीक्षण हेपेटाइटिस से पीड़ित रोगी में बीमारी के लंबे समय तक प्रबंधन और उपचार की सफलता पर निगरानी रखने के लिए उपयोगी साबित होते हैं. इसके साथ रक्त से एंटीजन का गायब होना इस बात का संकेत है कि संक्रमण ठीक हो रहा है.

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लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) में जांच होती है...

अल्ब्यूमिन: अल्ब्यूमिन लीवर के अंदुरुनी हिस्से द्वारा संश्लेषित एक प्रोटीन है, जो खनिज और रक्त में आवश्यक पोषक तत्वों को स्थानांतरित करने में मदद करता है. इस प्रोटीन का निम्न स्तर लीवर रोग का गंभीर संकेत है.

एंजाइम: लीवर द्वारा कई एंजाइमों को संश्लेषित किया जाता है, जिनमें से एएलपी हड्डी के विकास के लिए आवश्यक है, एएलटी प्रोटीन प्रोसेसिंग में सहायता करता है और एएसटी भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है. हेपेटाइटिस से पीड़ित व्यक्ति के रक्त में इन एंजाइमों का स्तर अधिक होता है.

बिलीरुबिन: हेपेटाइटिस से पीड़ित व्यक्ति में इस पिगमेंट का स्तर उंचा होता है, जो कि पीलिया के लिए जिम्मेदार है. यह आरबीसी के टूटने के कारण उत्पन्न होता है.

एंटीजन, एंटीबॉडी के लिए रक्त परीक्षण...

एंटीजन:- हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी.

एंटीबॉडी के खिलाफ:- हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी (सरफेस और ई-एंटीजन) और हेपेटाइटिस सी.

आईजीएम एंटीबॉडी:- जिसकी उपस्थिति हालिया संक्रमण को इंगित करती है.

आईजीजी एंटीबॉडी:- जिसकी उपस्थिति वायरस के चल रहे एक्सपोजर को इंगित करती है.

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