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मोटापे से सिकुड़ सकता है दिमाग, स्टडी का दावा

मोटापा एक गंभीर समस्या है, जिससे अधिकतर लोग पीड़ित हैं. हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल, स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि मोटापे से जूझ रहे लोगों के दिमाग पर बहुत बुरा असर पड़ता है.

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aajtak.in [Edited by: नेहा]नई दिल्ली, 11 January 2019
मोटापे से सिकुड़ सकता है दिमाग, स्टडी का दावा प्रतीकात्मक फोटो

आजकल अधिकतर लोग मोटापे से पीड़ित हैं. खराब डाइट और लाइफस्टाइल की वजह से लोगों के पेट पर अधिक चर्बी जमा हो जाती है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पेट की चर्बी व्यक्ति के दिमाग को गंभीर रूप से प्रभावित करती है. दरअसल, पेट पर मौजूद चर्बी से मस्तिष्क की क्रियाशील पदार्थ या बुद्धि (Grey Matter) कम होने लगती है. इस बात की पुष्टि हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में की गई है.

स्टडी के मताबिक, मस्तिष्क के क्रियाशील पदार्थ (Grey Matter) में दिमाग की करीब 100 बिलियन नर्व कोशिकाएं मौजूद होती हैं. जबकि सफेद पदार्थ में नर्व फाइबर होते हैं, जो दिमाग के हिस्सों से जुड़े होते हैं.

Loughborough University में मध्य वर्ग के लगभग 9,652 लोगों पर हुई स्टडी में सभी लोगों के बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और कमर से हिप की जांच की गई. नतीजों में 5 में से लगभग 1 व्यक्ति मोटापे से पीड़ित पाया गया.

इस स्टडी के नतीजों को न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया है. शोधकर्ताओं ने स्टडी में शामिल लोगों के दिमाग की वॉल्यूम का पता लगाने के लिए उनके दिमाग का MRI स्कैन किया.

स्टडी के नतीजों में सामने आया कि 1, 291 लोग, जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 30 या इससे ज्यादा था, उनके मस्तिष्क के क्रियाशील पदार्थ (Grey Matter) की वॉल्यूम कम पाई गई. स्टडी की रिपोर्ट के मुताबिक, वजन या मोटापे से पीड़ित लोगों के दिमाग का कुछ हिस्सा सिकुड़ने लगता है.

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