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इस दवाई से बढ़ता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा, स्टडी का दावा

अगर डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप स्टैटिन लेते हैं तो सावधान हो जाएं. ये दवाई डायबिटीज ठीक करने के बजाय आपकी सेहत पर बहुत बुरा असर डालती है.

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aajtak.in [Edited by: सुधांशु माहेश्वरी]नई दिल्ली, 18 March 2019
इस दवाई से बढ़ता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा, स्टडी का दावा प्रतीकात्मक तस्वीर

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिससे काफी लोग पीड़ित हैं. डायबिटीज को कट्रोंल करने के लिए लोग मीठी चीजें खाने पर तो रोक लगा देते हैं, लेकिन उसके साथ स्टैटिन की खुराक भी लेते हैं. बता दें, स्टैटिन डायबिटीज को कंट्रोल करने वाली दवाई है. स्टैटिन सबसे आम दवाई है, जो डायबिटीज के मरीज खाते हैं. लेकिन अब एक नई स्टडी के मुताबिक, स्टैटिन दवाई का सेवन करने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है.

ब्रिटिश जर्नल ऑफ क्लीनिकल फार्माकोलोजी में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों को स्टैटिन की ज्यादा दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए. बता दें, इस स्टडी को पूरा करने में काफी समय लगा. स्टडी में 45 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें डायबिटीज नहीं थी. फिर 15 साल तक उनकी शारीरिक गतिविधियों पर नजर रखी गई.

स्टडी के नतीजों के अनुसार जो लोग स्टैटिन दवाइयों का सेवन करते हैं, उनमें ज्यादा इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है. इसके अलावा स्टैटिन दवाई के चलते उन लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा 38 फीसदी तक बढ़ सकता है.

स्टडी में यह भी बताया गया कि अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो टाइप-2 डायबिटीज होने का आपको ज्यादा खतरा होता है. प्रोफेसर ब्रूनो स्ट्रिकर कहते हैं 'अगर आप स्टैटिक थेरेपी पर हैं तो कोशिश करें कि अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें और अपने वजन को भी ज्यादा ना बढ़ने दें. ऐसा करने से डायबिटीज का आपकी सेहत पर ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.'

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