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शहीदों की श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पूर्व CM के बेटे पर उड़ाए नोट

रुड़की में कांग्रेस नेताओं की ओर से आयोजित शहीदों की श्रद्धांजलि सभा में जमकर नोट उड़ाए गए. शहीदों की श्रद्धांजलि सभा से जुड़े एक कार्यक्रम में गाने के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ गायकों पर नोट उड़ाए बल्कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीरेंद्र रावत पर भी जमकर नोट उड़ाए.

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aajtak.in [Edited By: सुरेंद्र कुमार वर्मा]नई दिल्ली, 23 February 2019
शहीदों की श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पूर्व CM के बेटे पर उड़ाए नोट हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत (फोटो-ANI)

पुलवामा हमले के बाद शहीद जवानों को लेकर जहां एक ओर देश में गहरी निराशा और रोष व्याप्त है और सरकार पर इस हमले लेने का दबाव बना रही है तो नेताओं पर इन शहीदों की शहादत का कोई असर नहीं दिख रहा. पिछले दिनों शहीदों के अंतिम संस्कार के दौरान कई नेताओं को हंसते हुए या पिर अपमानजनक व्यवहार करते हुए देखा गया तो इस बार उत्तराखंड में इससे जुड़ी एक ऐसी घटना हुई जो शहीदों के परिजनों और आम नागरिकों को नाराज कर सकती है.

रुड़की में कांग्रेस नेताओं की ओर से आयोजित शहीदों की श्रद्धांजलि सभा में जमकर नोट उड़ाए गए. शहीदों की श्रद्धांजलि सभा से जुड़े एक कार्यक्रम में गाने के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ गायकों पर नोट उड़ाए बल्कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीरेंद्र रावत पर भी जमकर नोट उड़ाए. वीरेंद्र रावत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे हैं और हैरान करने वाली बात यह रही कि कार्यकर्ता जब उन पर नोट बरसा रहे थे तो उन्हें मना करने की जगह हंसते हुए नजर आए.

शहीदों की श्रद्धांजलि सभा में उन पर नोट बरसाए जाने पर कांग्रेस नेता वीरेंद्र रावत ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यह 56 इंच के सीने वाले शेर को जगाने का प्रयास था. प्रधानमंत्री को इस हमले का बदला लेना चाहिए.

यह पहला अवसर नहीं है जब शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों का अपमान किया गया. इससे पहले इसी मंगलवार को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले में शहीद हुए मेरठ के अजय कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह मुस्कुराते नजर आए. उनके हंसने के कारण स्थानीय लोग बेहद नाराज हो गए और इसके लिए उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी थी.

शहीद के चाचा को दिया था धक्का

इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री समेत कई नेता उस दौरान वहां पर जूते पहनकर बैठे थे, लोगों का गुस्सा देख उन्होंने तुरंत जूते उतारे और दोबारा वहां पर बैठे. हालात इतने बिगड़ गए थे कि पुलिस को जनता को काबू में लाना पड़ा. बीजेपी नेताओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं, यूजर्स लगातार बीजेपी नेताओं की आलोचना कर रहे हैं.

रुड़की और मेरठ के अलावा ओड़िशा में भी यही नजारा देखने को मिला, जब शहीद मनोज बेहेरा के अंतिम संस्कार के दौरान बीजेडी के स्थानीय विधायक देबाशीष सांमत्रेय शहीद के परिजनों के साथ बदसलूकी करते नजर आए. विधायक सांमत्रेय ने अंतिम संस्कार के दौरान शहीद के चाचा को धक्का दे दिया और उन्हें जबरन पार्थिव शरीर के पास बैठने को कहा.

मोबाइल में बिजी थे राहुल

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज की ऐसी ही एक हंसती हुई तस्वीर सामने आई थी. शहीद अजीत कुमार आजाद की अंतिम यात्रा में शामिल होने साक्षी महाराज जब ट्रक पर सवार हुए तो उन्होंने हंसते हुए वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया. उनकी इस हरकत पर ट्विटर पर लोगों ने जमकर निशाना साधा और आलोचना हुई.

इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पीछे नहीं रहे. उनकी भी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जब दिल्ली में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के दौरान वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखे.

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