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केदारनाथ के बाद पीएम मोदी ने की बद्रीनाथ में पूजा, धर्माधिकारी बोले- सफल रही यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बद्रीनाथ धाम पहुंचे, इससे पहले वे शनिवार को केदारनाथ पहुंचे थे और रात्रि विश्राम वही किया था. उनके दौरे को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था.

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aajtak.in
मंजीत सिंह नेगी नई दिल्ली, 19 May 2019
केदारनाथ के बाद पीएम मोदी ने की बद्रीनाथ में पूजा, धर्माधिकारी बोले- सफल रही यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान पहली बार बद्रीनाथ धाम पहुंचे. इससे पहले प्रधानमंत्री शनिवार को केदारनाथ पहुंचे थे और रात्रि विश्राम वही किया था. आज सुबह केदारनाथ पूजा अर्चना के बाद वे सुबह 10:15 बजे सेना के हेलीपैड से सड़क मार्ग से 2 किलोमीटर की दूरी पर बद्रीनाथ धाम पहुंचे. उनके दौरे को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था.

मंदिर में पीएम मोदी ने भगवान के दर्शन किए और बद्रीनाथ के धर्माधिकारी और वेद पठियों द्वारा वेद पाठ किया गया. साथ ही नरेंद्र मोदी ने विश्व कामना का संकल्प मंदिर में किया. बद्रीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने कहा कि आज मोदी की बद्रीनाथ यात्रा सफल रही.

मंदिर से बाहर आने पर मोदी जी ने तीर्थ पुरोहित के पास अपने पूर्वजों की पोथी पर आपना नाम लिखा और अपना साइन भी किया. हालांकि, इस पोथी पर मोदी जी के परिवार के सभी सदस्यों का नाम और साइन पहले से ही मौजूद थे और आज मोदी ने भी अपना नाम इस पोथी में दर्ज करवा दिया. वहीं केदारनाथ में हो रहे सुंदर निर्माण कार्य के बाद बद्रीनाथ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्थानीय लोगों को सहयोग देने की बात की.

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने बताया कि मोदी से विशेष पूजा अर्चना करवाई गई. वहीं, देश के कोने-कोने से लोग बद्रीनाथ आते हैं, ऐसे में यहां संचार व्यवस्था न होने से यात्रियों को परेशानी होती है, जिस पर मोदी जी ने आश्वस्त किया कि जल्द बद्रीनाथ में संचार व्यवस्था संपूर्ण कर दी जाएगी.

वहीं, बीते दिन 18 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पहुंचे थे, जहां उन्होंने केदारनाथ में मंदाकिनी नदी के ठीक ऊपर 18 हजार फीट पर बनी ध्यान गुफा में 17 घंटे से ज्यादा का वक्त बिताया. प्रधानमंत्री ने पूजा अर्चना और दर्शन करने के बाद आपदा निर्माण कार्यों का निरीक्षण और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद ध्यान गुफा के लिए रवाना हुए.

बता दें कि पहाड़ी पत्थरों की मदद से पहाड़ी शैली में बनाई गई यह गुफा करीब 9 से 10 फीट लंबी और 5 से 6 फीट चौड़ी है. ध्यान गुफा के पास में प्रशासन के द्वारा प्रधानमंत्री की व्यवस्थाओं में सभी इंतजाम किए गए थे. ध्यान गुफा के पास स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स यानी एसडीआरएफ की भी तैनाती की गई थी, क्योंकि यह पूरी गुफा ग्लेशियर और पहाड़ी चट्टानों के नीचे बनी हुई है. इसके अलावा डॉक्टर की टीमों को यहां तैनात किया गया था कि किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति में यह टीम रिस्पांड करे.

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