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योगी को ना 'मीट' पसंद है ना 'मीटिंग', सोशल मीडिया पर चटखारे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शपथ लिये हुए 12 दिन होने को है. इन 12 दिनों में पूरी दुनिया ने बुलेट ट्रेन से भी तेज निर्णय लेने वाला मुख्यमंत्री देखा. योगी आदित्यनाथ ने अपने शुरुआती 10 दिनों में ही लगभग 100 से ज्यादा फरमान जारी कर दिये हैं.
योगी को ना 'मीट' पसंद है ना 'मीटिंग', सोशल मीडिया पर चटखारे कैबिनेट बेठक ना होने के ये हैं कारण!
aajtak.in [edited by: मोहित ग्रोवर]नई दिल्ली, 31 March 2017

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शपथ लिये हुए 12 दिन होने को है. इन 12 दिनों में पूरी दुनिया ने बुलेट ट्रेन से भी तेज निर्णय लेने वाला मुख्यमंत्री देखा. योगी आदित्यनाथ ने अपने शुरुआती 10 दिनों में ही लगभग 100 से ज्यादा फरमान जारी कर दिये हैं. योगी लगातार दफ्तर दर दफ्तर, अस्पताल, थाना हर जगह खुद घूम कर मुआयना कर रहे हैं. पूरी उत्तर प्रदेश सरकार एक्शन में नजर आ रही है. लेकिन फिर भी उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता को अभी जिसका इंतजार है वो योगी नहीं कर रहे हैं. जी हां, यूपी को जनता को सिर्फ इंतजार है योगी की पहली कैबिनेट बैठक का, लेकिन योगी हैं कि बैठक ही नहीं लेते.

बिन कैबिनेट हैं योगी के फरमान...
मुख्यमंत्री ने अभी तक ताबड़तोड़ फैसले लिये हैं. कुछ फैसले तो ऐसे हैं जिनकी चर्चा देश भर में हो रही है, जैसे की बूचड़खानों पर रोक, एंटी रोमियो दस्ते का गठन और अधिकारियों के पान-गुटखा, मसाला खाने पर रोक व अन्य कई फैसले. लेकिन इन सभी फैसलों में एक बात मिलती-जुलती है वो ये कि ये सभी फैसले बिना कैबिनेट मीटिंग के लिए गए हैं. इनका आदेश या तो मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट से आया है, या फिर प्रेस विज्ञप्ति से.

क्या होगा पहली कैबिनेट से...
उत्तर प्रदेश की जनता को जिस कैबिनेट बैठक का इंतजार है, दरअसल उस बैठक में बीजेपी का सबसे बड़ा चुनावी वादा छुपा है. किसानों की कर्ज माफी का फैसला, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग हर चुनावी रैली में दोहराया है. बीजेपी का वादा था कि सरकार बनने के बाद जब भी पहली कैबिनेट की बैठक होगी, तभी किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा. लेकिन 12 दिन बाद भी बैठक कब होगी, इसका कुछ पता नहीं है. यूपी सरकार को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्जा माफ करना है.

तो इसलिये नहीं कर रहे बैठक...
योगी आदित्यनाथ के सभी फैसले सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गये हैं, फिर चाहे वह अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी हो या फिर एंटी रोमियो दस्ता. योगी के फैसलों को लेकर दिन पर दिन ट्रोल्स की बाढ़ आ रही है. तो वहीं सोशल मीडिया वाले भी पहली कैबिनेट बैठक का इंतजार कर रहे हैं. कई लोगों ने तो कैबिनेट की बैठक ना लेने के कई दिलचस्प कारण भी गिनाये. ज़रा पढ़िये, आप भी इन कारणों को -

1. अभी नवरात्र हैं इसलिये!
लोग सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी नवरात्र के व्रत पर हैं, वह खुद अन्न का सेवन नहीं कर रहे हैं. यही कारण है कि वह किसानों का कर्जा नहीं माफ कर रहे हैं, क्योंकि नवरात्र तक उनका अन्न से कोई लेना-देना नहीं है. जैसे ही उनके व्रत पूरे होंगे, वह अन्नदाता का कर्जा माफ कर देंगे. इसलिये नवरात्रों के खत्म होने का इंतजार करें.

2. योगी को 'Meet'ing पसंद नहीं है!
योगी सरकार के बूचड़खानों पर पाबंदी लगाने से पूरे प्रदेश में मीट की कमी हो गई है. तो सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कमेंट्स करने की होड़ मच गई है. कैबिनेट मीटिंग को लेकर लोगों ने बड़ा ही सही बहाना निकाला है. लोग लिखते हैं कि क्योंकि योगी आदित्यनाथ को 'Meet' ing करना पसंद नहीं है, यही कारण है कि कैबिनेट की मीटिंग नहीं हो रही है.

3. घर प्रवेश, फिर रसोई प्रवेश!
योगी अभी तक मुख्यमंत्री आवास में ना रहकर वीवीआईपी गेस्ट हाउस में रह रहे थे. हालांकि अब वह अपने मुख्यमंत्री आवास में गृह प्रवेश कर चुके हैं. लोगों का मानना है कि क्योंकि अब मुख्यमंत्री ने गृह प्रवेश कर लिया है तो वह अब अपने घर में रसोई प्रवेश भी करेंगे, और जब रसोई प्रवेश करेंगे तो उन्हें अन्नदाता किसानों की याद आएगी तभी कर्जा माफ होगा.

4. जुमला है भई, जुमला!
लोगों को लोकसभा चुनावों के दौरान सभी के खातों में 15-15 लाख रुपये आने की बात अभी भी चुभती है, जिसे बाद में अमित शाह ने जुमला बताया था. अब कैबिनेट की बैठक में हो रही लगातार देरी से भी लोगों को वही डर सता रहा है, तभी लोग कह रहे हैं कि यह भी पहले की तरह जुमला ही था. जो सिर्फ चुनावी भाषण तक ही सीमित था.

नोट - यह सभी कारण सोशल मीडिया पर लगातार चल रहे जोक्स और ट्रोल से लिये गये हैं. प्राइवेसी के कारण इनसे संबंधित ट्वीट और पोस्ट को यहां नहीं दिखाया गया है.

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