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बाबा रामदेव बोले- अभी नहीं तो कभी नहीं, कानून लाकर राम मंदिर बनाए सरकार

योग गुरु रामदेव ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए संसद में अध्यादेश या कानून तुरंत लाना चाहिए, इसमें थोड़ा सी भी देरी नहीं होनी चाहिए. रामदेव ने कहा कि 25 वर्ष हो गए आस देखते- देखते अब हमें अभी नहीं तो कभी नहीं की अवधारणा पर काम करना होगा.

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aajtak.in
शिवेंद्र श्रीवास्तव वाराणसी, 16 November 2018
बाबा रामदेव बोले- अभी नहीं तो कभी नहीं, कानून लाकर राम मंदिर बनाए सरकार योगगुरु रामदेव (फाइल फोटो- PTI)

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि राम मंदिर नहीं बना तो देश में साम्प्रदयिक माहौल गर्माएगा और उससे सामाजिक वैमनस्य पैदा होगा. बाबा ने कहा कि इससे से देश को नुकसान होने की आशंका है. बाबा ने कहा कि राम मंदिर के मसले पर हमें अभी नहीं तो कभी नहीं के कॉन्सेप्ट पर काम करना होगा. वाराणसी में पतंजलि फैशन स्टोर की ऐड फिल्म शूट करने पहुंचे बाबा रामदेव ने मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम में एक पुस्तक के विमोचन के दौरान मीडिया से मुखातिब थे.

बाबा रामदेव ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि ये मामला समझौते का दौर निकल चुका है, अब संसद में कानून लाओ और मंदिर बनाओ और अभी नहीं तो कभी नहीं के प्रावधान पर ही हमें काम करना होगा.

बाबा रामदेव ने बाबरी मस्जिद के मुस्लिम पक्षकार द्वारा कोर्ट से सुरक्षा की गुहार पर अपनी प्रतिक्रिया दी. बाबा ने कहा कि भारत देश में हिन्दू और मुसलमान किसी को कोई खतरा नहीं है क्योंकि अहिंसा और प्रेम हमारे देश के मूल तत्व हैं, इसलिए मज़हबी उन्माद राष्ट्र में नहीं है. बाबा ने कहा कि कि यदि राम मंदिर नहीं बना तो देश में एक साम्प्रदायिक माहौल गर्म होगा.

बाबा रामदेव ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए संसद में अध्यादेश या कानून तुरंत लाना चाहिए, इसमें थोड़ा सी भी देरी नहीं होनी चाहिए. रामदेव ने कहा कि 25 वर्ष हो गए आस देखते देखते अब हमें अभी नहीं तो कभी नहीं की अवधारणा पर काम करना होगा.

भारतीय राजनीति में लगातार अभद्र भाषा के प्रयोग पर बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय राजनीति में संस्कार और संस्कृति क्षीण हो रही है. उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकारों की बात तो हो रही है लेकिन जो हमारे संवैधानिक और मौलिक नैतिक कर्तव्य हैं, उनका पतन हो रहा है. बाबा ने कहा कि और इसके ऊपर पक्ष और प्रतिपक्ष को बहुत गंभीरता से सोचना चाहिए. बाबा रामदेव ने कहा कि लीडरशिप में जो बड़े लोग हैं डरशिप में उनको सबसे पहले अपनी भाषा में सुधार करना चाहिए.

बाबा ने एक बार फिर कहा कि वे सर्वदलीय हैं और निर्दलीय हैं. तीन राज्यों के चुनाव को बाबा रामदेव ने ट्वेंटी-ट्वेंटी मैच की तरह बताया और कहा कि संघर्ष हो रहा है और परिणाम देश के लिए बहुत ही सुखद होंगे.

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